राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक धार्मिक कार्यक्रम में हुए शामिल

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हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि भारत अपने उत्थान के पथ पर चल पड़ा है। अब हमें रुकना नहीं है। जब तक कि भारत का विश्व गुरु बनने का सपना पूरा नहीं हो जाता। सन्यास रोड स्थित कृष्णा निवास एवं श्री पूर्णानंद आश्रम के तत्वाधान में आयोजित 6 दिवसीय वेदांत सम्मलेन के अंतिम दिन बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रिबन काटकर शिलापट का अनावरण करने के साथ श्री कृष्ण निवास आश्रम में नवनिर्मित श्री गुरु चरण मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं श्री गुरु मंदिर में स्थापित की गयी ब्रह्मलीन संतों की मूर्तियों कर कार्यक्रम की शुरूआत करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गौ माता के पूजन के साथ आश्रम में रुद्राक्ष वृक्ष का रोपण भी किया।भागवत ने यह बात बुधवार को श्री पूर्णानंद आश्रम कनखल में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में कही। श्री भागवत ने कहा कि आपस में भेदभाव भुलाकर हम सभी लोगों को एक साथ मिलकर चलना है। जिस दिन हम ये शुरू कर देंगे। हम अपने उद्देश्य में कामयाब हो जाएंगे। भारत को विश्व गुरु बनने में अब ज्यादा समय नहीं लगेगा। कहा कि संत साधनारत रहते हैं। सभी जानते हैं राष्ट्र साधना में विघ्न आते हैं। हमें इस विघ्न को पराजित कर निरंतर आगे बढ़ना है। कहा कि अमृत मंथन के समय सबसे पहले हलाहल विष निकला था। अमृत निकलने तक देव अपने कर्तव्य से विचलित नहीं हुए। सबसे पहले विश्व कल्याण के लिए शिव को उस विष को अपने कंठ में धारण करना पड़ा। हमें भी बगैर विचलित हुए सतत आगे बढ़ना होगा। सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भारत अपने उत्थान के पथ पर चल पड़ा है। इस उत्थान को पूरा किये बगैर हमें रुकना नहीं है। इसके लिए सबको भेदभाव भुलाकर, एक होकर काम करेंगे तो ये काम बहुत जल्दी हो जायेगा। अब इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि साधनारत रहने वाले संत जानते हैं कि राष्ट्र साधना में विघ्न आते हैं और हमें इसे पराजित कर निरंतर आगे बढ़ना है। रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने लंका जाते समय हनुमान जी के समक्ष आई विघ्नं बाधाओं का उलेख करते हुए कहा कि मार्ग में आई बाधाओं का निवारण करते हुए आगे बढ़ना ही होगा। इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद महाराज, श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज अध्यक्ष अखिल भारतीय आखाडा परिषद्, स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, स्वामी गीता ज्ञानानन्द महाराज,स्वामी हरिचेतनानन्द महाराज,महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंदपुरी,महामंडलेश्वर स्वामी चिद्म्बरानंद,महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद, महामंडलेश्वर स्वामी शिवस्वरुपानंद, महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद, महामंडलेश्वर स्वामी श्याम चैतन्य, महामंडलेश्वर स्वामी कमल पूरी, महामंडलेश्वर स्वामी विंध्यागिरी,महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद, महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद, महामंडलेश्वर स्वामी अज्रानंद, महामंडलेश्वर स्वामी शिवपुरानंद, राष्टीय स्वयं सेवक संघ के सयुंक्त क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख शिवनारायण, क्षेत्र संघ सं्चालक सूर्य प्रकाश टाँक, क्षेत्र प्रचारक महेंद्र शर्मा, क्षेत्र प्रचारक प्रमुख जगदीश, क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम, प्रांत प्रचारक युद्धवीर सिंह,सहप्रांत प्रचारक देवेंद्र,विभाग प्रचारक चिरंजीवी, सतेंद्र त्यागी, अनिल गुप्ता, अमित शर्मा आदि उपस्थित रहे।