जिलाधिकारी ने बस दुर्घटना मे प्रभावित परिवारों से मिलकर सात्वना देते हुए ढॉढस बधॉया

इस खबर को सुनें

अधिकारियों को दिए प्रभावितों की मदद करने के निर्देश

हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय बृहस्पतिवार को लालढांग गांव पहुंचे,जहां उन्होंने पौड़ी जिले में हुई बस दुर्घटना मंे प्रभावित लोगों को सांत्वना देते हुये ढाढस बंधाया। उन्होंने दुल्हा संदीप,उनकी माताजी तथा परिजनों को ढाढस बंधाते हुये कहा कि एक साथ इतने लोगों के इस संसार से चले जाने की हृदय विदारक घटना ने सभी को झकझोर दिया है, लेकिन विधि के आगे आज तक किसी की नहीं चली है। उन्होंने संदीप को सांत्वना देते हुये कहा कि पूरे परिवार को अब तुम्हें ही संभालना है,इसलिये हिम्मत से काम लो। उन्होंने कहा कि आप लोग परेशान न होवें, पूरा प्रशासन सहित सभी लोग आपके साथ हैं तथा जो भी हर सम्भव मदद है,वह की जायेगी। जिलाधिकारी को संदीप की माताजी ने रोते एवं सिसकते हुये किसी तरह अपने को संभालते हुये कहा कि संदीप के पास परिवार के भरण-पोषण के लिये कोई साधन नहीं है, इसके ऊपर आठ लोगों की जिम्मेदारी है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि माताजी संदीप की शैक्षिक योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने के लिये कहीं न कहीं व्यवस्था अवश्य करेंगे। संदीप की माताजी ने जिलाधिकारी को अपने तीन साल के पोते के बारे में भी बताया कि इसके कमर के पास की हड्डी में कुछ दिक्कत है, जिसका डॉक्टर ऑपरेशन के लिये कह रहे हैं, इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि बच्चे का पूरा इलाज निःशुल्क कराया जाये। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस बस दुर्घटना में प्रभावित लोगों के परिवारों को यथाशीघ्र छह माह का निःशुल्क राशन यथा-गेहूं,चावल,दाल आदि उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने अधिकारियों को ये भी निर्देश दिये कि सरकार की विभिन्न योजनाओं-पारिवारिक लाभ योजना, विधवा पेंशन, किसान पेंशन, सीएम राहत कोष आदि के अन्तर्गत आश्रित परिवारों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिये गांव में ही एक सार्वजनिक स्थान पर कैम्प का आयोजन किया जाये, जिसमें सभी औपचारिकतायें उसी कैम्प में पूरी कर ली जायें ताकि आश्रितों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दुःख की घड़ी में एसडीएम पूरण सिंह राणा, तहसीलदार श्री दयाराम, ग्राम प्रधान सहित आप-पास के लोग बड़ी संख्या में प्रभावितों को सांत्वना देने पहुंचे थे।