तीसरी लहर की आशंका को लेकर कांवड़ मेले पर प्रतिबंध के बाद पुलिस प्रशासन ने शुरू की तैयारियां ,10 टीमों का गठन

प्रसिद्ध श्रावण मास के कांवड़ मेले के आयोजन पर सरकार ने रोक लगा दी है। सरकार ने कहा है कि कोविड 19 संक्रमण के चलते इस साल भी नही होगी कांवड यात्रा ,सरकार ने तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित किया,मुख्य सचिव ओमप्रकाश के निर्देश के बाद शहरी विकास विभाग ने इसके आदेश किये। वही दूसरी ओर कांवड़ पर प्रतिबंध लगाने के बाद हरिद्वार पुलिस ने प्रतिबंध को सफल बनाने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। इस वर्ष 22 जुलाई से कांवड़ मेला प्रारम्भ होना था, पुलिस की योजना है कि 22जुलाई से ही हरिद्वार की सीमाओं को कांवड़ियों के लिए सील कर दिया जाएगा। 10 टीमों का गठन शुक्रवार को ही कर दिया गया है। यह टीमें हरियाणा, दिल्ली समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में जाकर लोगों से कांवड़ मेले में हरिद्वार न आने की अपील करेगी। बाहरी राज्यों में जाकर स्थानीय पुलिस के साथ संपर्क कर कांवड़ पर प्रतिबंध की जानकारियां भी दी जाएगी। हरिद्वार कांवड़िए न आ सकें, इसके लिए तीन तरह की गाइडलाइन तैयार की जा रही है। शुक्रवार को पुलिस ऑफिस में पत्रकार वार्ता करते हुए एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने बताया कि हरिद्वार की सीमाओं को कांवड़ मेला शुरू होने से पहले ही 22 जुलाई से कांवड़ियों के लिए सीमाओं को सील कर दिया जाएगा। पहाड़ी जिलों में जाने के लिए लोगों को 72 घंटे भीतर की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। उसी के बाद लोगों को एंट्री दी जाएगी। कांवड़ मेले के लिए आ रहे लोगों की एंट्री नहीं होगी। वाहनों से आने वालों के लिए अलग गाइडलाइन तैयार की जाएगी, जबकि ट्रेन और रोडवेज से आने वालों के लिए अलग से गाइडलाइन जारी होगी। तीन तरह की गाइडलाइन बातचीत कर तैयार की जा रही है। एसएसपी ने कहा कि इस बार पुलिस के लिए कांवड़ियों को रोकना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। क्योंकि पिछली बार रोडवेज और ट्रेनों का संचालन बंद था, लेकिन इस बार इसको लेकर अलग से रणनीति तैयार करनी होगी। उन्होंने बताया कि अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय बैठक भी की जाएगी। पुलिस मुख्यालय में भी बैठक होगी। जिसमें दिल्ली, यूपी, हरियाणा के अधिकारी शामिल होंगे। पुलिस टीमों जल्द ही हरिद्वार से रवाना होगी। ताकि लोगों को कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध की जानकारी दी जा सकें। 23 जुलाई से विधिवत कांवड़ यात्रा की शुरुआत होनी थी।