कार्तिक स्नान पर्व मेला सकुशल सम्पन्न कराने को लेकर तैयारियां पूर्ण

जोन,सैक्टरों में विभाजित कर सम्पूर्ण मेला क्षेत्र पर सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी नजर

हरिद्वार। सोमवार (कल) को होने वाली कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजामात किए है। पूरे मेला क्षेत्र को जोन एवं सैक्टरों में बांटकर अतिरिक्त पुलिसबलों की तैनाती के अलावा चिकित्सा एवं साफ-सफाई के पुख्ता व्यवस्था कराये गये है। कार्तिक स्नान पर्व को सकुशल सम्पन्न कराए जाने हेतु एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल,अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी.एल.शाह तथा अन्य अधिकारीगण की उपस्थिति में समस्त जोनल सैक्टर मजिस्ट्रेट पुलिस बल को ऋषिकुल ऑडिटोरियम में ब्रीफ करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। ब्रीफिंग के दौरान कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व का विशेष महत्व एवं लाखों की संख्या में पवित्र हर की पैड़ी पर गंगा स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालुगण की संभावनाओं और व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। स्थानीय अभिसूचना ईकाई के अधिकारी गुप्त रूप से पूरे मेला क्षेत्र में कड़ी नजर रखेंगे साथ ही प्रत्येक जोन में नियुक्त अन्य अधिकारीगण के साथ मिलकर क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों से समन्वय स्थापित कर किसी भी समस्या पर तत्काल उसका निवारण करेंगे। विगत स्नानों में देखा गया कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर अचानक से भीड़ बढ़ जाती हैं जिससे हमें पहले से ही छोटी बड़ी सभी तैयारी करके रहना है।प्रत्येक जोनल अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में वैकल्पिक मार्गों का भीड़ बढ़ने की दशा में उपयोग कर जनसंख्या के दबाव को नियंत्रित करेंगे। प्रत्येक पॉइंट पर नियुक्त पुलिसकर्मी का अपना विशेष महत्व है। थोड़ी सी भी लापरवाही से कोई भी समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसलिए सभी लोग अपनी अपनी जिम्मेदारियों का दृढ़ता एवं संयम के हाथ निर्वहन करेंगे। मनसा देवी,चंडी देवी में ड्यूटी प्रभारी यह सुनिश्चित करेगे की श्रद्धालुगण कतार में ही आगे बढ़ें। भीड़ का दबाव बढ़ने पर तत्काल कंट्रोल रूम को जानकारी देने के साथ व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखेंगे। महिला घाट पर नियुक्त महिला कर्मी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। इस स्थान पर अधिक भीड़ की संभावनाएं रहती हैं क्योंकि प्रत्येक महिला एवं उसके परिजन उसी के आसपास रहते हैं। किसी को स्नान के लिए बहुत अधिक समय नहीं दिया जाए। महिला घाट से श्रद्धालुओं को लगातार बाहर निकालते रहना है। स्नान के दौरान दो पारियों में क्रमशः 12-12 घंटे की ड्यूटी की व्यवस्था बनाई गई है जिस हेतु प्रत्येक कर्मी को सही समय पर आकर मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। स्नान के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं के डूबने की संभावनाएं बनी रहती हैं, घाटों पर नियुक्त जल पुलिस की टीमें लगातार मौजूद व सतर्क रहें जिससे कि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अप्रिय घटनाओं की रोकथाम हेतु बम निरोधक दस्ते,श्वान दल की टीमें नियुक्त की गई है। जो निरंतर गतिमान रहेगी तथा घाटों के संवेदनशील स्थानों के साथ-साथ रेलवे स्टेशन, बस अड्डा व अपर रोड़ मेला क्षेत्र में चेकिंग करते रहेंगे।राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु यातायात प्लान तैयार है उसका पूर्ण रूप से पालन करवाया जाए।यातायात को सुचारू रूप से चलाए जाने हेतु पार्किंग का प्रयोग किया जाएगा साथ ही जो डायवर्जन बनाए गए हैं उन्हें बनाए गए यातायात प्लान के अनुसार लागू किया जाए, उसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बताया गया कि स्नान पर्व समाप्ति तक जनपद में भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कोई ड्यूटी पर नियुक्त कर्मचारी अपने पॉइंट से बड़े वाहनों को नहीं छोड़ेंगे। प्रत्येक जोनल सेक्टर प्रभारी अपने-अपने जोन सेक्टर में नियुक्त पुलिस बल को भली-भांति ब्रीफ करना सुनिश्चित करेंगे। जोनल व सेक्टर प्रभारी सेक्टर मजिस्ट्रेट आपस में समन्वय बनाते हुए लाभप्रद सूचनाओं का समय-समय पर आदान प्रदान करते रहेंगे। हर की पेडी एवं अन्य घाटों पर पर्याप्त मात्रा में रस्सा एवं डिवाइडर रखे जाएं जिससे भीड़ बढ़ने पर उनका प्रयोग करते हुए भीड़ को नियंत्रित और डायवर्ट किया जा सके। बीफ्रिंग में समस्त जोनल सेक्टर पुलिस अधिकारी एवं प्रशासनिक सेक्टर मैजिस्ट्रेट एवं पुलिस प्रशासन कै अन्य अधिकारी कर्मचारीगण मौजूद रहे।