सलमान खुर्शीद की पुस्तक का अध्ययन करने के बाद कराया जाएगा मुकदमा दर्ज- श्री महंत रवींद्र पुरी

*सलमान खुर्शीद और राशिद अली सार्वजनिक रूप से माफी मांगे*

*भगवान राम का नाम लेने वालों को राक्षस बताए जाने पर संत समाज में आक्रोश*


हरिद्वार। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा लिखित पुस्तक में विवादित बातों के बाद अब कांग्रेसी नेता राशिद अल्वी भगवान राम का नाम लेने वालों को राक्षस बताए जाने से को लेकर संत समाज आक्रोशित हो गया है। संत समाज ने राशिद अली और सलमान खुर्शीद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की घोषणा करते हुए उनके इस बयान की तीखी निंदा की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सनातन धर्म और भगवान राम के बारे में इस तरह की अनर्गल टिप्पणी करने वालो के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। संतो ने दोनों नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष म.रविंद्रपुरी ने कहा कि बहुत दुख हुआ कि इतने बड़े नेता राशिद अल्वी जो कांग्रेस के दिग्गज नेता उन्होंने इस तरह का छोटा बयान दिया। हमने वह पुस्तक में मंगाई है जिस पुस्तक का विमोचन किया गया और पुस्तक को पढ़कर उस पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी ताकि हिंदू मुस्लिम विवाद हमारे यहां न हो। कहा कि काग्रेस हमेशा हिंदू मुस्लिम ईशु रखती है जबकि भाजपा एक मात्र ऐसी पार्टी है जो भगवान राम की बात करती है और कभी भी कोई ऐसा स्टेटमेंट नहीं देती है। काग्रेस के बड़े-बड़े नेता ऐसा विरोध कर रखा करते हैं जिससे हमारे हिंदू समाज और जो समाज को ठेस पहुचाती है। मुझे यह भी दुख है कि जब पुस्तक का विमोचन हुआ तब काग्रेस के दो दिग्गज नेताओं साथ थे इसीलिए जब भी पुस्तक को पढ़ेंगे,अखाड़ा परिषद की ओर से उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की जाएगी। निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज ने कहा कि मुझे लगता है कि सलमान खुर्शीद जैसे बड़े नेता जो खुद को बड़ा नेता कहते हैं और कई शिक्षण संस्थान चलाते हैं। कहीं ना कहीं उनकी मानसिकता में शिक्षा दिखाई पड़ रही है क्योंकि सलमान खुर्शीद का बहुत सारे शिक्षण संस्थान ऐसे हैं जिनकी मान्यता बहुत है। कहा कि वे सलमान खुर्शीद से मांग करते है कि वे देश और समाज से माफी मांगे वरना भारत सरकार और राज्य सरकार उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। राशिद अल्वी क्योंकि वे निरंतर विवाद में रहने वाला प्राणी है राशिद अल्वी ने कहा कि भगवान के राम का नाम लेने वाले वाला राक्षस के समान है के बारे में कहा कि भगवान का नाम जो नहीं लेता है वह राक्षस है। इसके हजारों प्रमाण है अयोध्या में राम मन्दिर का भव्य निर्माण होेने के बाद हिंदुत्व की प्रतिष्ठा बढ़ने के कारण कुछ कट्टर वादियों को दिखाई पड़ने लगा है और इनको लगने लगा है कि कहीं राम की सत्ता देश में पुनः स्थापित ना हो जाए,रामराज न आ जाए इसको लेकर के इस प्रकार की भावना है। जो इनके अंतःकरण में प्रकट होकर आ रही है। सरकार ऐसे नेताओं के खिलाफ कारवाई करे और देश और समाज इनका बहिष्कार करें। दोनों राजनीतिक रूप से देश से और समाज से माफी मांगे जिससे इनका सम्मान देश में बना रहे। उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र जी हमारे संस्कृति के प्राण हैं हमारे आदर्श हैं और वह हमें किस प्रकार से व्यक्ति का जीवन होना चाहिए यह हमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम की प्रेरणा से पता चलता है। अगर आज भारतीय संस्कृति से मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र जी को निकाल दिया जाए तो वह रावण की संस्कृति हो जाएगी अगर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र के बारे में यदि किसी व्यक्ति ने ऐसी बात की है चाहे वह राशिद अल्वी हो या कोई और अल्वी हो किसी भी दल का भी हो मैं उसकी निंदा करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र का अपमान किया है हम किसी भी कीमत पर उसको माफ नहीं करेंगे।