आजादी के 75 सालों से आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दे रही है आदर्श आयुर्वैदिक फार्मेसी

*वैध दीपक कुमार ने आयुर्वेद के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया कई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने उन्हें किया सम्मानित *

* 26 दिसंबर को फार्मेसी के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित किया जाएगा महा उत्सव *

कनखल स्थित आदर्श आयुर्वेदिक फार्मेसी एवं चिकित्सा चिकित्सालय की स्थापना के 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही देश दुनिया के लोगों को अपने आरोग्य कार्यक्रम के माध्यम से निरोगी और स्वस्थ कर रहे प्रसिद्ध वैद्य दीपक कुमार के सुभारती चैनल पर भी 100 एपिसोड पूरे हो गए हैं। जिसको लेकर आदर्श आयुर्वेदिक फार्मेसी परिवार में खुशी का माहौल है। इस मौके पर फार्मेसी द्वारा 26 दिसंबर को होटल जानवी डेल कनखल में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें देश-विदेश से उनके साथ जुड़े लोग, धर्म गुरु राजनीतिक हस्तियां और समाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेंगे । आदर्श आयुर्वेदिक फार्मेसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वैद्य दीपक कुमार ने बताया है कि इस खुशी के मौके पर उनके द्वारा एक आयोजन कल रविवार 26 दिसम्बर को आयोजित किया जा रहा है कार्यक्रम सुबह 11 बजे धन्वंतरी पूजन के साथ शुरू किया जाएगा। जिसको लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है इस दौरान धार्मिक, राजनीतिक चिकित्सक, सामाजिक सभी वर्गों के गणमान्य जन उपस्थित रहेंगे, साथ ही उनकी चिकित्सा से लाभ पा चुके लाभार्थी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपनी बीमारी के बारे में हुए लाभ को भी सबके सामने साझा करेंगे। देश की आजादी के दिन 15 अगस्त 1947 में विख्यात राजवैद्य लल्लू जी द्वारा आदर्श आयुर्वैदिक फार्मेसी चिकित्सा की स्थापना की गई थी। आयुर्वेद के सुप्रसिद्ध लल्लू वैद्य जी जटिल से जटिल बीमारियों के रोगियों को निरोग करने के लिए प्रख्यात थे। इस फार्मेसी का उद्देश्य भारतवर्ष में आयुर्वेद के माध्यम से लोगों को स्वस्थ और निरोगी बनाना था। लल्लू वैद्य के बाद उनके सुपुत्र वैद्य श्री विजय कुमार इस फार्मेसी को संभाल रहे थे। अब उनके बाद तीसरी पीढ़ी में प्रसिद्ध युवा वैद्य दीपक कुमार इस आदर्श आयुर्वैदिक फार्मेसी को विकास की गति देते हुए देश-दुनिया के लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ पहुंचा रहे हैं। उन्हें देश विदेश की गई संस्था में आयुर्वेदिक के क्षेत्र में सम्मानित किया है वेतन कल हरिद्वार ही नहीं बल्कि उत्तराखंड और भारत का पूरे विश्व में नाम रोशन कर रहे हैं