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कुता द्वारा बच्चे को काटने के मामले में पालने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हरिद्वार। कनखल थाना क्षेत्र में मिश्रा गार्डन कॉलोनी में पिटबुल ब्रीड के कुत्ते द्वारा एक 9 वर्षीय बच्चे ज्योति को काटकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में मुकदमा दर्ज की गई है। दरअसल यह बच्चा अपनी बुआ के यहां पढ़ने के लिए आया था और वहीं के निवासी शिवम चंदवानी के पिटबुल कुत्ते ने ज्योति को पकड़ लिया और उसके पेट और हाथ पर काट लिया। यह घटना 2 दिसंबर की है तब से ज्योति का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था मगर इस दौरान कुत्ते के मालिक द्वारा किसी तरह का कोई संपर्क किये जाने पर ज्योति के पिता विशाल गुप्ता ने कनखल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस इस संबंध में धारा 289 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई कर रही है। क्योंकि इस ब्रीड के कुत्ते पालने पर कुछ नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में प्रतिबंध भी है इसको लेकर पुलिस नगर निगम से भी संपर्क करने की बात कह रही है।

मन्शादेवी उड़न खटोला कुछ दिनों के लिए रहेगा बंद

हरिद्वार। मनसा देवी और चंडी देवी का रोपवे कुछ दिनों के लिए रहेगा बंद अगर आप भी हरिद्वार आने का प्लान बना रहे हैं तो पहले जानकारी लेकर ही जाये। धर्मनगरी हरिद्वार में मां मनसा देवी और मां चंडी देवी मंदिर के लिए उड़न खटोले (रोप-वे) का संचालन आगामी कुछ दिनों तक बंद रहेगा. इस दौरान रोप-वे की मरम्मत का कार्य किया जाना है. कार्य पूरा होने के बाद रोप-वे चालू कर दिया जाएगा। इस बीच श्रद्धालुओं को पैदल रास्ते से ही मंदिर जाना होगा।जानकारी के मुताबिक मां मनसा देवी मंदिर का रोप-वे 5 से 10 दिसंबर तक बंद रहेगा। वहीं, मां चंडी देवी मंदिर का रोप-वे 12 से 17 दिसंबर तक बंद रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को पैदल रास्ते से ही दोनों मंदिर जाना होगा। आपको बता दें कि हर साल मरम्मत के लिए दोनों रोप-वे को बंद किया जाता है। दोनों शक्तिपीठों में रोप-वे का संचालन उषा ब्रेको लिमिटेड करती है। कंपनी के प्रबंधक मनोज डोभाल ने बताया कि स्नान पर्वों के पहले रोप-वे की पूरी तरह मरम्मत की जा रही है। यह शटडाउन साल में दो बार होता है,इस दौरान रोप-वे की मरम्मत की जाती है।

हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा

हरिद्वार। इब्राहिमपुर गांव में वसीम की हत्या करने के दोषी कादर खान को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश रीतेश कुमार श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास व 56 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता नीरज कुमार गुप्ता ने 30 नवम्बर 2015 में मुन्तजार के छोटे भाई वसीम पर तेज धारदार हथियार चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया था।इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में वसीम की मौत हो गई थी। मुन्तजार ने हत्यारोपी कादर खान पुत्र बाबर खान व उसके चाचा इकबाल उर्फ बालू पुत्र कय्यूम निवासी गण इब्राहिम पुर पथरी के खिलाफ हत्या,गाली गलौज व आर्म्स एक्ट का केस दर्ज कराया था। पुलिस जांच में शिकायतकर्ता मुन्तजार व हत्यारोपी कादर खान के बीच रास्ते के विवाद को लेकर दोंनो का आपस में विवाद चला आ था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसका व हत्यारोपीय कादर खान के घर मिले हुए हैं। घर के बाहर सरकारी नल लगा, कि हुआ है। आरोप लगाया था कि हत्यारोपी कादर खान उस नल के सामने दरवाजा खोलना चाहत है। दरवाजा खोलने का वादी पक्ष विरोध करते आ रहे थे।इसी रंजिश पर हुई कहासुनी में हत्यारोपी ने उसके भाई वसीम पर चाकू से वार कर हत्या करने का आरोप लगाया था।पुलिस ने मामले में विवेचना करने के बाद हत्यारोपी कादर खान व उसके चाचा इकबाल उर्फ बालू के खिलाफ कोर्ट में अलग अलग आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने हत्यारोपी कादर खान व इकबाल उर्फ बालू को गिरफ्तार जेल भेज दिया था। सरकारी अधिवक्ता ने साक्ष्य में 13 गवाह पेश किए।जबकि बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया था। सह आरोपी इकबाल उर्फ बालू को ठोस सबूत के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया गया है। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 50 हजार रुपये मृतक वसीम के आश्रितों को प्रतिकर राशि के रूप में देने के आदेश दिए हैं।

खेल महाकुम्भ के दौरान विजेता खिलाड़ियों को मेडल,नकद पुरूस्कार

हरिद्वार। खेल महाकुंभ के आठवें दिन अंडर-14 व 17 बालक आयु वर्ग में फुटबॉल की प्रतियोगिता का आयोजन एवं साथ ही अंडर-14 अंडर-17 एवं अंडर-21 बालक वर्ग में कबड्डी की प्रतियोगिता का आयोजन स्पोर्ट्स स्टेडियम रोशनाबाद हरिद्वार में किया गया प्रतियोगिता में अंडर 17 फुटबॉल प्रतियोगिता में रुड़की प्रथम स्थान, लक्सर द्वितीय स्थान एवं बहादराबाद ने तृतीय स्थान प्राप्त कियास साथ ही अंडर 14 फुटबॉल प्रतियोगिता में बहादराबाद प्रथम लक्सर द्वितीय एवं रुड़की तृतीय स्थान पर रहा। विजेता खिलाड़ियों को जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी मुकेश कुमार भट्ट द्वारा रुखसार मेडल व नकद धनराशि प्रदान की गई।

समाज को प्रेरणा देता है तपस्वी संतों का जीवन-श्रीमहंत प्रेमगिरी

हरिद्वार। ब्र्ह्मलीन महंत माई ब्रह्मगिरी महाराज,श्रीमहंत बुद्धगिरी महाराज,श्रीमहंत माई प्रयाग गिरी महाराज एवं महन्त माई भरत गिरी महाराज के निर्वाण दिवस पर उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए संत समाज ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। भीमगोडा स्थित माई काली कमली आश्रम की श्रीमहंत माई विजय गिरी महाराज के संयोजन में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जूना अखाड़े के श्रीमहंत प्रेमगिरी महाराज ने कहा कि ब्र्ह्मलीन महंत माई ब्रह्मगिरी महाराज, श्रीमहंत बुद्धगिरी महाराज,श्रीमहंत माई प्रयाग गिरी महाराज एवं महन्त माई भरत गिरी महाराज संत समाज के प्रेरणा स्रोत और त्याग व तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज को ज्ञान की प्रेरणा देकर सद्मार्ग पर अग्रसर करने में व्यतीत किया। तपस्वी संतों का जीवन सदैव समाज को प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम में उपस्थित संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए श्रीमहंत विजय गिरी महाराज ने कहा कि वे सौभाग्यशाली है कि उन्हें ब्र्ह्मलीन महंत माई ब्रह्मगिरी महाराज, श्रीमहंत बुद्धगिरी महाराज, श्रीमहंत माई प्रयाग गिरी महाराज एवं महन्त माई भरत गिरी महाराज जैसे महान गुरूओं का सानिध्य प्राप्त हुआ। गुरूओं से प्राप्त शिक्षाओं व ज्ञान का अनुसरण करते हुए आश्रम के सेवा प्रकल्पों को आगे बढ़ाते हुए संत सेवा व मानव कल्याण में योगदान कर रही हैं। जूना अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत केदारपुरी महाराज,महंत देवानंद सरस्वती एवं श्रीमहंत शिवशंकर गिरी महाराज ने कहा कि संत महापुरूषों ने सदैव समाज को ज्ञान की प्रेरणा देकर धर्म के मार्ग पर अग्रसर किया। संत महापुरूषों के सानिध्य में प्राप्त ज्ञान से ही मनुष्य के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। सभी को सद्गुरू से प्राप्त ज्ञान व शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए मानव कल्याण में योगदान करना चाहिए। श्रीमहंत गोपाल तरी,भागीरथी माता,हरिद्वार गिरी,गंगा गिरी,सावित्री गिरी,सोमवार गिरी, पार्वती गिरी,भागवताचार्य पुष्पा जोशी ने सभी संत महापुरूषों को फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर श्रीमहंत प्रेमगिरी,श्रीमहंत केदारपुरी, महंत शिवशंकर गिरी,महंत देवानन्द सरस्वती,महंत दुर्गादास, महंत प्रह्लाद दास,स्वामी ऋषि रामकृष्ण,स्वामी राजेंद्रानंद,स्वामी शि७वानन्द,महंत श्यामप्रकाश,स्वामी चिदविलासानंद,समाजसेवी वीरसिंह सहित बड़ी संख्या में संत महंत मौजूद रहे।

उत्तराखण्ड में धर्मांतरणरोधी कानून लागू होने पर संतों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

हरिद्वार। युवा भारत साधु समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत शुभम महाराज ने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री से पूरे देश में धर्मांतरणरोधी कानून लागू करने की मांग की है। चेतन ज्योति आश्रम में संतों की बैठक में उत्तराखण्ड में धर्मांतरणरोधी कानून लागू करने पर मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए संतों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह से पूरे देश में धर्मांतरणरोधी कानून लागू करने की मांग की। पत्रकारों को जानकारी देते हुए महंत शुभम महाराज ने कहा कि धर्मांतरणरोधी कानून पारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बधाई व साधुवाद के पात्र हैं। उत्तराखण्ड में धर्मांतरणरोधी कानून लागू कराने में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानन्द भी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि देश में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार को पूरे देश में सख्त धर्मांतरणरोधी कानून लागू करना चाहिए। जिससे धर्मांतरण पर रोक लग सके। सख्त कानून लागू करने से ही धर्मांतरण पर रोक लगायी जा सकती है। महंत शुभम महाराज ने कहा कि देश में महिलाओं के प्रति लगातार बढ़ रहे अपराधों को रोकने के लिए भी सख्त कानून लागू किए जाने की आवश्यकता है। सख्त कानून से ही धर्मांतरण व लव जेहाद जैसी घटनाओं पर विराम लगेगा। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह को धर्मांतरण पर रोक लगाने व महिलाओं को अपराध व उत्पीड़न से बचाने के लिए केंद्रीय स्तर पर कड़ा कानून बनाना चाहिए। उन्होंने युवा वर्ग से अपील करते हुए कहा कि किसी बहकावे ना आएं। संत समाज युगों युगों से समाज को धर्म व अध्यात्म की शिक्षा प्रदान कर रहा है। युवा पाश्चात्य संस्कृति का परित्याग कर संत समाज के सानिध्य में सनातन धर्म व संस्कृति का ज्ञान प्राप्त करें और उसके अनुसार आचरण करें। महंत शुभम महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अंकिता हत्याकांड के दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग करते हुए कहा कि बेटियां देश व समाज का गौरव हैं। बेटियों पर अत्याचार करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी रविदेव शास्त्री महाराज ने कहा कि धर्मांतरणरोधी कानून व महिलाओं को अपराधों से बचाने के लिए कड़ा कानून आज की आवश्यकता है। कहा कि यूपी, उत्तराखण्ड में धर्मांतरणरोधी कानून लागू होने के बाद इसे देश के सभी राज्यों में लागू किया जाना चाहिए। इस अवसर पर स्वामी हरिहरानंद,महंत दिनेश दास,महंत निर्मलदास,स्वामी नित्यानन्द, महंत गोविंददास,महंत प्रह्लाद दास,महंत प्रेमदास, महंत सुतिक्ष्ण मुनि,स्वामी विवेकानन्द, महंत रामानंद आदि संत मौजूद रहे।