हरिद्वार, 30 अक्टूबर:
आगामी कुंभ मेले के दिव्य और भव्य आयोजन, राष्ट्र की एकता, अखंडता, समृद्धि तथा मां गंगा की निर्मलता के संकल्प के साथ कनखल स्थित पौराणिक श्री दक्षेश्वर महादेव मंदिर में एक विशेष अनुष्ठान संपन्न हुआ। नया उदासीन अखाड़ा के महामंडलेश्वर एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक श्री श्री 1008 शंकर करौली महादेव महाराज ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया।
इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का जल, दूध और अन्य पूजन सामग्री से अभिषेक किया गया। महामंडलेश्वर ने विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति, सामाजिक समरसता और सनातन धर्म की प्रतिष्ठा की कामना करते हुए प्रार्थना की कि भारतवर्ष निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े और देश में सुख-शांति का वातावरण बना रहे।
रुद्राभिषेक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं ही भारत की असली पहचान हैं। इन गौरवशाली परंपराओं का संरक्षण करना हर सनातनी का कर्तव्य है। उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे समाज में धर्म, संस्कार, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करने के प्रयास जारी रखें, ताकि भारत राष्ट्र भक्ति और शक्ति दोनों क्षेत्रों में सशक्त बन सके।
मां गंगा के महत्व पर जोर देते हुए महामंडलेश्वर ने कहा कि गंगा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भारतीय सभ्यता की जीवनधारा हैं। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
आगामी कुंभ मेले के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुंभ सनातन धर्म की महान आध्यात्मिक परंपरा का विश्वविख्यात पर्व है। उनकी भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना है कि आगामी कुंभ का आयोजन बेहद दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित हो, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति का भव्य स्वरूप देखने को मिल सके।
इस दौरान संस्था के प्रबंधक डॉ. उमेश सचान, कोठारी महंत नितिन दास, अनिरूद्ध भाटी और अनिरूद्ध शर्मा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विद्वान आचार्यों द्वारा विधि-विधान के साथ यह रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया।















