चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का ऐलान, मांगे नहीं मानी तो होगा बड़ा आंदोलन

कर्मचारियों की दस सूत्रीय मांगों के निस्तारण को लेकर चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य एवं संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति ऋषिकुल और गुरुकुल की एक बैठक गुरुकुल आयुर्वेदिक कालेज चिकित्सालय में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा और संयोजक धीरज उपाध्याय ने संयुक्त रूप से की संचालन शिवनारायण सिंह ने किया। बैठक में डीडीओ कोड बहाल करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान, चिकित्सा अवकाश का वेतन भुगतान, एसीपी को शीघ्र से शीघ्र लगाए जाने, नए कर्मचारियों का जीआईएस का लाभ दिये जाने समेत अन्य मांगों पर विचार किया गया। संघर्ष समिति संयोजक के एन भट्ट और धीरज उपाध्याय और उपशाखा मंत्री आशुतोष गैरोला, अध्यक्ष राकेश चंद्र ने कहा कि गुरुकुल और ऋषिकुल के कार्मिकों का शोषण हो रहा है। वेतन समय से नहीं मिल रहा जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए हैं उनको दो दो वर्ष से पेंशन और देयक नहीं मिले हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, संयोजक धीरज उपाध्याय, वरिष्ठ सलाहकार रमेश चंद्र पंत और संयुक्त मंत्री मोहित मनोचा, उप शाखा अध्यक्ष छत्रपाल सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति शीघ्र करते हुए पदोन्नति में पारदर्शिता बरती जाए। जिन नए कर्मचारियों का जीआईएस नहीं कट रहा है उनका जीआईएस काटा जाए। कर्मचारियों की एसीपी तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं लगाई गई है। रामपाल चतुर्थ श्रेणी का छठवें वेतनमान का एरियर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का भुगतान और मर्तक आश्रितों की नियुक्ति शीघ्रकी जाये किन्तु आयुर्वेद विश्वविद्यालय की तानाशाही के चलते कर्मचारियों में आक्रोश है जो आंदोलन का रूप लेने को तैयार है जल्द ही आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। कहा कि जल्द ही कर्मचारियों की मांग नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बैठक में कला नैनवाल, मेघा सेमवाल, ममता पाल, यशोदा रतूड़ी, कमलेश, नीलम बिष्ट, ज्योति नेगी, अजय कुमार, मोहित, अनिल कुमार, अरुण कुमार, राज किशोर, ताजबर सिंह, मनीष, सतीश चंद, प्रवीण भारती, त्रिलोकी प्रसाद, मोहित मनोचा,दिनेश लखेड़ा, राकेश भंवर इत्यादि उपस्थित थे।