महिला ऐच्छिक ब्यूरो ने तीन परिवारिक रिस्तों को टूटने से बचाया

*रिश्ता वह होता है जो दिलों से निभाया जाता है*

पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने में जुटी महिला ऐच्छिक ब्यूरों ने तीन टूटते रिश्ते को बचा लिया,जबकि एक को सोचने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। रिश्ता वह होता है जिसे दिलो से निभाया जाता है’ पारिवारिक रिश्तो को बिखरने से बचाने हेतु महिला ऐच्छिक ब्यूरो द्वारा प्रयास कर दोनों पति-पत्नी व परिवारों के मध्य हुए मनमुटाव व गलतफहमी को दूर करने हेतु बुधवार को अध्यक्षा श्रीमती लता रावत के दिशा निर्देशों के आधार पर वह महिला ऐच्छिक ब्यूरो के नोडल अधिकारी श्रीमती कमलेश उपाध्याय एवं सदस्यों द्वारा किया गया। प्रयास को सिरे चढ़ाने के लिए पुलिस लाइन रोशनाबाद में महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ऐच्छिक ब्यूरो की अध्यक्षा श्रीमती लता रावत के दिशा निर्देश व पुलिस अधीक्षक नगर श्रीमती कमलेश उपाध्याय, नोडल सदस्य डॉ अरुण कुमार मनोवैज्ञानिक, अधिवक्ता श्रीमती संगीता भारद्वाज, समाज सेविका श्रीमती मधु भदौरिया, महिला उपनिरीक्षक अनीता शर्मा प्रभारी महिला हेल्पलाइन हरिद्वार द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में महिला हेल्पलाइन हरिद्वार में प्रचलित जटिल पारिवारिक विवादों को सुना गया व परिवारों को टूटने से बचाने के लिए समझाया गया। बैठक में चुने गए जटिल पारिवारिक प्रकरणों में से 04 पारिवारिक प्रकरणों में ऐच्छिक ब्यूरो के, नोडल अधिकारी एवं सदस्यों के समझाने पर आपसी सहमति से 03 प्रकरणों में साथ साथ रहने का समझौता हुआ। एक प्रकरणों में आपसी सहमति नहीं बनी तो सोचने समझने के लिए अग्रिम तिथि दी गई। ऐच्छिक ब्यूरो के समक्ष काउंसलिंग हेतु गंभीर एवं जटिल प्रकार के पारिवारिक प्रकरणों को रखा जाता है। जिसमें पक्षों को साथ साथ जीवन निर्वाह करने हेतु समझाया गया,ताकि भविष्य में दोनों पक्षों के मध्य मनमुटाव ना हो वह दोनों का भविष्य उज्जवल हो।