सरकारी जमीनों के पीपीपी मॉडल पर सियासी संग्राम: कांग्रेस ने धामी सरकार पर लगाए 1200 एकड़ भूमि निजी हाथों में देने के आरोप

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हरिद्वार। उत्तराखंड में सरकारी संपत्तियों और जमीनों के पीपीपी (PPP) मॉडल व लंबी लीज पर निजी निवेशकों को देने की योजनाओं पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर राज्य की बेशकीमती जमीनों को निजी कंपनियों के हवाले करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।

​हरिद्वार स्थित प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने दावा किया कि ‘उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड’ (UIIDB) के माध्यम से लगभग 1200 एकड़ सरकारी भूमि से जुड़े प्रस्तावों को मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी मिल चुकी है। पार्टी ने सवाल उठाया कि निवेश के नाम पर लीज पर दी जा रही इन जमीनों के सौदों में स्थानीय हितों, भविष्य की सरकारी जरूरतों और राजस्व सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है।

जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट और अन्य संपत्तियों पर उठे सवाल

​कांग्रेस ने मसूरी के ऐतिहासिक जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का मुद्दा उठाते हुए सरकार से निविदा प्रक्रिया और शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की।

  • जॉर्ज एवरेस्ट मामला: पार्टी के अनुसार एडीबी (ADB) लोन से करोड़ों रुपये खर्च कर विकसित किए गए 142 एकड़ के इस पर्यटन स्थल को 15 वर्षों के लिए निजी संचालक को महज एक करोड़ रुपये सालाना फीस पर सौंप दिया गया।
  • अन्य प्रमुख संपत्तियां: नैनीताल के पटुवाडांगर की भूमि, हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश स्थित पीडब्ल्यूडी (PWD) निरीक्षण भवन को भी निजी हाथों में दिए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है।

हरिद्वार भूमि घोटाला और निलंबन वापसी पर घेरा

​प्रेस वार्ता में अमन गर्ग ने हरिद्वार भूमि घोटाले का जिक्र करते हुए निलंबित अधिकारियों की बहाली की टाइमिंग पर सवाल दागे। उन्होंने कहा कि यदि घोटाला हुआ था तो अधिकारियों की बहाली क्यों हुई, और यदि घोटाला नहीं था तो उन्हें निलंबित क्यों किया गया था? इसके साथ ही कांग्रेस ने नगर निगम की मेयर से भी स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि घोटाले से निगम को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई अब तक हुई या नहीं।

​इस पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता अंजू मिश्रा, मुरली मनोहर, महेश प्रताप राणा, रचना शर्मा, रविपाल, पीएस तेजियान, आशीष पंवार और वरुण बालियान मुख्य रूप से मौजूद रहे।