36 लाख रुपये लेकर जनता को मायूस करने का आरोप, कुंजापुरी मेले में लिपसिंक को लेकर उठा विवाद
देहरादून। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने गायक दलेर मेहंदी के मामले में माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा है कि माफी तो दलेर मेहंदी को मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गायक ने 36 लाख रुपये लेकर जनता को मायूस किया है। ऐसे में उनसे माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में सुबोध उनियाल ने कहा कि माफी वही व्यक्ति मांगता है, जिसने कुछ गलत किया हो। उनके अनुसार, इस मामले में पहले मुख्यमंत्री से माफी मांगने की बात उठी थी, लेकिन अब उनकी माफी को लेकर गलत दावे किए जा रहे हैं।
कुंजापुरी मेले में प्रस्तुति को लेकर विवाद
मामला कुंजापुरी मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी पर गायन के बजाय लिपसिंक करने को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर आपत्ति जताई थी। इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।
मंत्री की नाराजगी के बाद कलाकार की प्रस्तुति और कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सवाल उठने लगे। मामला केवल मंच पर हुई टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों की प्रस्तुति, दर्शकों की अपेक्षाओं और आयोजन पर खर्च होने वाली धनराशि को लेकर भी चर्चा छेड़ दी।
वीडियो वायरल होने के बाद कलाकारों ने जताई नाराजगी
दलेर मेहंदी से जुड़े इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद गायक के भाई मीका सिंह सहित कई कलाकारों ने सुबोध उनियाल के व्यवहार पर नाराजगी जताई थी। इससे विवाद और बढ़ गया।
मामले को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री ने दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत भी की थी। हालांकि, सुबोध उनियाल ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया और माफी मांगने की मांग को खारिज कर दिया।
जनता के पैसे और जवाबदेही का सवाल
सुबोध उनियाल के बयान ने कार्यक्रमों में कलाकारों की जवाबदेही को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है। यदि किसी कलाकार को बड़ी धनराशि देकर बुलाया जाता है, तो दर्शकों की अपेक्षा रहती है कि उन्हें निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप प्रस्तुति मिले।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक दिलेर मेहंदी और राज्य के मंत्री के बीच हुए हालिया विवाद को आपसी बातचीत के जरिए सुलझा लेने बात कही है ,उन्होंने इस सिलसिले में दिलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह से बात की।
कार्यक्रम के दौरान जब मंत्री ने मंच पर ‘माउथ पब्लिसिटी/लिप-सिंक’ (माउथ स्पीच) और 35 लाख रुपए के भारी-भरकम भुगतान का विरोध किया, तो पंडाल में मौजूद जनता ने मंत्री के रुख का समर्थन किया। जनभावनाओं के दबाव में मंत्री और गायक के बीच तीखी बहस हुई।
विवाद के बाद मीका सिंह द्वारा मंत्री से माफी मांगने का दबाव बनाया गया था, जिसे मंत्री ने खारिज कर दिया। हालांकि, कला संस्कृति के सम्मान और जनता के प्रतिनिधियों के रुख के बीच अब दोनों पक्षों के संवाद से यह मामला शांत हो रहा है।















