हरिद्वार,30 नवंबर 2025: हरिद्वार कुंभ को “दिव्य व भव्य” बनाए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अखाड़े के संतों के साथ ली गई बैठक पर सवालिया निशान लगाने और अखाड़े के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करने का गंभीर मामला सामने आया है। संतों की मर्यादा के खिलाफ आचरण करने के आरोप में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े ने बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए अपने दो वरिष्ठ संतों को अखाड़े से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।
निष्कासन की मुख्य वजहें
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत मोहन भारती महाराज ने यह कार्रवाई की है। जिन दो संतों पर गाज गिरी है, उनके नाम निम्नलिखित हैं:
- महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज
- महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज
आरोप:
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कुंभ तैयारियों की समीक्षा बैठक पर सवाल उठाना।
- अखाड़े की नीतियों और कार्यशैली के खिलाफ आधारहीन बयानबाजी करना।
- संतों और अखाड़े की मर्यादा के विपरीत आचरण करना।
कड़ी चेतावनी: अन्य संतों पर भी हो सकती है कार्रवाई
श्री महंत मोहन भारती महाराज ने इस संबंध में एक सख्त संदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। यदि जांच में अन्य संतों की संलिप्तता भी पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कारवाही की जाएगी। यह कदम अखाड़े के भीतर अनुशासन और गरिमा बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
जूना अखाड़ा ने अपनी एकता और अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए, मुख्यमंत्री की बैठक पर प्रश्न उठाने और मर्यादा भंग करने के आरोप में अपने दो प्रमुख महामंडलेश्वरों को निष्कासित कर दिया है।













