आयुक्त दीपक रावत की अपील: जनगणना टीम को दें सही जानकारी, राष्ट्रीय कार्य में करें सहयोग

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कुमाऊं मंडल के आयुक्त और माननीय मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने जनहित में महत्वपूर्ण सूचना साझा करते हुए बताया है कि भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान के तहत गणना टीमों और प्रगणकों (Enumerators) ने घर-घर जाकर भवनों का विवरण जुटाना प्रारंभ कर दिया है। आयुक्त ने कुमाऊं मंडल के सभी निवासियों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करने की अपील की है।

​नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी गणना कार्मिक घरों पर पहुंचेंगे, उनके पास अनिवार्य रूप से सरकारी पहचान पत्र उपलब्ध होगा। गृहस्वामी अपनी संतुष्टि के लिए उनके परिचय पत्र की जांच कर उसे सत्यापित कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान गणना टीम द्वारा प्रत्येक परिवार से कुछ आवश्यक जानकारियां और सूचनाएं मांगी जाएंगी, जिन्हें सही-सही उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक का उत्तरदायित्व है।

​इसके साथ ही, आयुक्त ने एक तकनीकी पहलू पर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि गणना के दौरान कार्मिक भवनों के किसी हिस्से पर पहचान के लिए विशिष्ट नंबर या मार्किंग (चिह्नीकरण) कर सकते हैं। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि वे इस मार्किंग का विरोध न करें, क्योंकि यह गणना प्रक्रिया का एक मानक और अनिवार्य हिस्सा है। इस राष्ट्रीय कार्य की सुगमता के लिए नागरिकों का पूर्ण सहयोग अपेक्षित है।

​जनगणना से संबंधित किसी भी जिज्ञासा, शंका या अतिरिक्त जानकारी के लिए प्रशासन द्वारा एक समर्पित हेल्पलाइन भी जारी की गई है। नागरिक टॉल फ्री नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सुविधा प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से लेकर सायं 6:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी। आयुक्त ने सभी क्षेत्रवासियों से आह्वान किया है कि वे इस हेल्पलाइन का लाभ उठाएं और इस वृहद राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।