हरिद्वार : प्रख्यात शिक्षाविद और एसएमजेएन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए इसे ‘बदलते भारत की आकांक्षाओं का आर्थिक कवच’ बताया है। उनके अनुसार, यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि भविष्य के भारत के निर्माण का एक विजन दस्तावेज है।
बजट के मुख्य आकर्षण: प्रो. बत्रा का विश्लेषण
प्रो. बत्रा ने बजट की तीन प्रमुख धाराओं—शैक्षिक क्रांति, सामाजिक सुरक्षा और ढांचागत मजबूती—पर विशेष जोर दिया:
- शिक्षा और कौशल: 50,000 नई अटल टिंकरिंग लैब्स और स्किल-आधारित शिक्षा पर ध्यान देना रिसर्च की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। साथ ही, 10,000 नई मेडिकल सीटें स्वास्थ्य शिक्षा को सुलभ बनाएंगी।
- मध्यम वर्ग और बुजुर्गों को राहत: नई कर व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय को कर-मुक्त करना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स कटौती की सीमा को दोगुना करना एक स्वागत योग्य कदम है।
- स्वास्थ्य सेवा: गंभीर बीमारियों की 36 दवाओं को सीमा शुल्क से मुक्त करना सरकार के ‘वेलफेयर स्टेट’ के संकल्प को दर्शाता है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर और कुंभ प्रबंधन: 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास हरिद्वार जैसे शहरों में कुंभ जैसे विशाल आयोजनों के प्रबंधन को वैश्विक स्तर की सुगमता प्रदान करेगा।













