ऋषिकेश के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने उप-निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) हरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
प्रमुख अनियमितताएं जो जांच में सामने आईं:
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान कार्यालय में गंभीर खामियां पाई गईं, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- करोड़ों की स्टांप चोरी: औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंडों की रजिस्ट्री कर राजस्व को भारी चूना लगाया गया।
- फर्जी कार्मिकों का दखल: कार्यालय में अनधिकृत लोग और फर्जी कर्मचारी काम करते पाए गए।
- अधिकारी की अनुपस्थिति: उप-निबंधक की अनुपस्थिति में लिपिक (कर्क) द्वारा अवैध रूप से विलेख पंजीकरण का कार्य किया जा रहा था।
- जनता का उत्पीड़न: आम जनता को मूल अभिलेख और रजिस्ट्री की नकल के लिए महीनों तक चक्कर कटवाए जा रहे थे। 24 घंटे में मिलने वाली ‘अर्जेंट नकल’ महीनों से लंबित थी।
कठोर कार्रवाई का आधार
डीएम सविन बंसल ने एसडीएम ऋषिकेश और जिला शासकीय अधिवक्ता की संयुक्त जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि उप-निबंधक बिना सूचना के गायब थे और कार्यालय में संपत्ति मूल्यांकन का कोई मानक पालन नहीं हो रहा था। इसी रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए शासन ने निलंबन के साथ-साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।














