देसंविवि समिट: ‘विवेक और नैतिकता के बिना विनाशकारी हो सकता है AI’
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय (DSVV) और ‘इंडिया एआई मिशन’ के तत्वावधान में ‘एआई फॉर संस्कृति’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय समिट का आयोजन किया गया।
- मुख्य विचार: प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि तकनीक को भारतीय अध्यात्म, सत्य और पारदर्शिता के नैतिक स्तंभों पर आधारित होना चाहिए, अन्यथा यह विनाशकारी हो सकती है।
- वैश्विक दृष्टिकोण: ग्लोबलेथिक्स के डॉ. फादी दाऊ ने लोकतांत्रिक मूल्यों और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना पर जोर दिया।
- उपलब्धि: इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया और विश्वविद्यालय की पत्रिकाओं का विमोचन हुआ।
कांग्रेस का ‘होली मिलन समारोह’ 1 मार्च को

हरिद्वार में कांग्रेस नेताओं की बैठक में आगामी 1 मार्च को भव्य होली मिलन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
- उद्देश्य: पूर्व राज्यमंत्री डॉ. संजय पालीवाल और अन्य नेताओं ने कहा कि होली आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है।
- संदेश: कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे एकजुट होकर समाज में नफरत फैलाने वाली ताकतों को जवाब दें और देश की अखंडता बनाए रखें।
शिवालिकनगर में नई सड़कों का लोकार्पण

नगर पालिका शिवालिकनगर के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने वार्ड-11 (सुभाषनगर) में नवनिर्मित आंतरिक सड़कों का उद्घाटन कर जनता को समर्पित किया।
- सुविधा: इन सड़कों के बनने से स्थानीय निवासियों को जलभराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
- संकल्प: अध्यक्ष ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा रहा है।
ब्रह्मलीन माता लाल देवी के अवतरण दिवस पर संत समागम

हरिद्वार के भूपतवाला स्थित लाल माता मंदिर में ब्रह्मलीन माता लाल देवी के अवतरण दिवस पर संतों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
- प्रमुख कथन: युग पुरुष स्वामी परमानंद गिरी ने उन्हें श्रद्धा और विश्वास की प्रतिमूर्ति बताया।
- सहभागिता: कार्यक्रम में सभी 13 अखाड़ों के संत, विधायक प्रदीप बत्रा और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संतों ने माता जी के नारी सम्मान और मानव कल्याण के कार्यों को याद किया।
पतंजलि विश्वविद्यालय में ‘अभ्युदय 2026’: योगधर्म से युगधर्म

पतंजलि विश्वविद्यालय में वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव ‘अभ्युदय 2026’ का आयोजन किया गया, जिसकी थीम ‘योगधर्म से युगधर्म’ रही।
- स्वामी रामदेव का संदेश: उन्होंने कहा कि भारत विश्वगुरु था, है और हमेशा रहेगा। विद्यार्थी ऋषि संस्कृति के ध्वजवाहक हैं।
- सांस्कृतिक प्रस्तुति: छात्र-छात्राओं ने योग और नाट्य के माध्यम से सतयुग से कलयुग तक के सांस्कृतिक प्रवाह को जीवंत किया।
- विशेष उपस्थिति: आचार्य बालकृष्ण, स्वामी चिदानन्द मुनि और अन्य विशेषज्ञों ने योग को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। मेधावी छात्रों को पदक और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।












