हरिद्वार: एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर मिले गैस सिलेंडर, लापरवाही पर होगी कार्रवाई – जिलाधिकारी

Listen to this article

हरिद्वार, 31 मार्च 2026 जनपद में एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को आपदा कंट्रोल रूम सभागार में गैस एजेंसियों और नोडल अधिकारियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाए।

होम डिलीवरी और केवाईसी पर जोर

​जिलाधिकारी ने कहा कि गैस एजेंसियों के बाहर अनावश्यक भीड़ और लंबी लाइनें नहीं लगनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  • ​उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से ही सिलेंडर पहुंचाए जाएं।
  • केवाईसी (KYC) की प्रक्रिया के लिए लोगों को ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया जाए।
  • ​यदि उपभोक्ता को गैस डिलीवरी का मैसेज प्राप्त होता है, लेकिन सिलेंडर नहीं मिलता, तो संबंधित एजेंसी की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।

बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता

​बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी गैस एजेंसियों पर पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था हो। विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, आगामी चार धाम यात्रा के मद्देनजर गैस आपूर्ति में कोई कमी न आए, इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी को सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए।

पीएनजी कनेक्शन के लिए अपील

​जिलाधिकारी ने व्यापारियों और नागरिकों से एलपीजी के स्थान पर पीएनजी (PNG) अपनाने की अपील की है।

  • घरेलू कनेक्शन: पीएनजी एजेंसी प्रबंधन के अनुसार, ₹7354 का शुल्क देकर घरेलू कनेक्शन लिया जा सकता है।
  • व्यावसायिक संपर्क: औद्योगिक या व्यावसायिक कनेक्शन के लिए मोबाइल नंबर 09935909486 पर संपर्क किया जा सकता है।

शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर

​यदि उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति या अन्य कोई समस्या होती है, तो वे निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

कंट्रोल रूम: 01334-223999, 01334-239444

मोबाइल नंबर: 9068197350

​बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल सहित बीपीसीएल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारी उपस्थित रहे।