धर्मनगरी हरिद्वार के उत्तरी क्षेत्र के सबसे बुजुर्ग नागरिक लाल सिंह का 103 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने मंगलवार की सुबह अंतिम सांस ली, जिससे पूरे खड़खड़ी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की जानकारी देते हुए उनके पुत्र दिलीप ने बताया कि वह कल शाम तक पूरी तरह स्वस्थ थे और अपनी दिनचर्या के अनुसार शाम को सैर करके घर लौटे थे, लेकिन आज सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उनका स्वर्गवास हो गया। लाल सिंह जी की दीर्घायु का राज उनकी सक्रिय जीवनशैली थी; 103 वर्ष से अधिक की आयु होने के बावजूद उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी और वह नियमित रूप से सुबह-शाम टहलने जाया करते थे।
उनके निधन का समाचार मिलते ही क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उनके निवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे गणमान्य व्यक्तियों में पार्षद महावीर वशिष्ठ, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मुरली मनोहर, सुभाष कपिल, भाजपा नेता व पूर्व पार्षद अनिरुद्ध भाटी और दीपांशु विद्यार्थी सहित अनेक लोग शामिल रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मुरली मनोहर ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि लाल सिंह जी सिद्धांतों के धनी व्यक्ति थे। उन्होंने सफाई मजदूर यूनियन की स्थापना में न केवल महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि अपने सेवाकाल और सेवानिवृत्ति के बाद भी मजदूरों की समस्याओं और उनके हक के लिए निरंतर संघर्षरत रहे।
सामाजिक स्तर पर भी उनके योगदान को याद किया गया। सीनियर सिटीजन वेलफेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष अमरीश रस्तोगी, महामंत्री गोपाल कृष्ण बडोला, वरिष्ठ नागरिक गुलशन नैय्यर, एडवोकेट राकेश गुप्ता, सतीश गुजराल और सुभाष कपिल आदि ने उनके निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। आज मंगलवार दोपहर बाद खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें अपनी अंतिम विदाई दी।













