प्रदेश के विकास की बातों का धरातल पर कोई वास्ता नहीं- हरीश रावत

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*पूर्व मुख्यमंत्री ने पुष्कर सिंह धामी सरकार को बताया खनन प्रेमी*

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार में केवल और केवल प्रदेश में अवैध खनन हो रहा है। उन्होने मुख्यमंत्री को खनन प्रेमी बताते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नदी,नालों, में तेजी से खनन हो रहा है। हरीश रावत का कहना है कि राज्य भर में कहीं नदियां है कही नाले हैं कहीं गदेरे हैं सब खोल डाले हैं अवैध खनन हो रहा है और अब जो भंडारण की क्षमता निर्धारित की जाती थी ताकि क्रेशर के साथ जुड़े हुए लोग एक निर्धारित मात्रा में ही खनन करें और खनन प्रेमी मुख्यमंत्री जी ने वह लिमिट भी हटा दी है अब कोई कितना भी खनन कर ले कितनी ही जमाखोरी कर ले तो ऐसे में उनको खनन प्रेमी न कहा जाए तो क्या कहा जाए। आरोप लगाया कि सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाए सरकार सभी को टाल रही है। उन्होने सरकार से किसानों के लिए अविलम्बर गन्ना मूल्य घोषित करने तथा धान खरीद के लिए व्यवस्था शुरू करने की मांग की है। उन्होने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में विकास की बातों का धरातल से कोई वास्ता नही है। साढे चार साल में ढाई सौ नौकरी नही देने वाले अब दो माह में चैबीस हजार नौकरी देने का दावा कर रहे है,जो हकीकत से कोसो दूर है। रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री श्री रावत ने उत्तराखंड सरकार को खनन प्रेमी बताते हुए कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी नदी नाले गदेरे खनन करने के लिए खोल दिये है और भंडारण की सीमा भी खत्म कर दी है। हरीश रावत ने गन्ना का समर्थन मूल्य पंजाब की तर्ज पर अबिलम्ब घोषित किए जाने और धान का खरीद मूल्य शीघ्र घोषित किए जाने की मांग की है। उन्होने कहा कि महॅगाई को देखते हुए किसानों के हितों के अनुरूप गन्ना मूल्य घोषित किया जाना चाहिए। हरीश रावत ने कहा कि किसान इस समय बहुत आहत है और विशेष तौर पर गन्ना किसान बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहा है कि उसके गन्ने का खरीद मूल्य पुनः निर्धारित हो ,हम चाहते हैं कि राज्य सरकार गन्ने का खरीद मूल्य निर्धारित करें और पंजाब की सरकार को बहुत धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने प्रति कुंटल खरीद मूल्य निर्धारित किया है। परिवर्तन यात्रा के दो चरण हमने पूरे कर लिए है जनता का बेहद समर्थन मिला है हम बहुत धन्यवाद करना चाहते हैं और तीसरा चैथा पांचवा छठा चरण अक्टूबर में पूरे किए जाएंगे और नवंबर में एक महा रैली के रूप में हम देहरादून में परिवर्तन के लिए हुंकार भरेंगे। हरीश रावत पंजाब में हमने एक दलित के बेटे को मुख्यमंत्री बनाकर एक नया ट्रेंड और नई परिस्थिति खड़ी की है, रुड़की चर्च में हुई घटना की कड़े शब्दों में की निंदा करते हुए कहा है कि किसी को भी अधिकार नहीं यह किसी के पूजा स्थल में जाकर इस तरह की घटना को अंजाम दे, उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की है।,हरीश रावत ने कहा चुनाव 2022 में कांग्रेसी मुख्यमंत्री का चेहरा हरीश रावत होंगे कि नहीं पर कहते हैं कि यह आवश्यक नहीं है कि मुख्यमंत्री का चेहरा हरीश रावत है कि नहीं बल्कि जरूरी है कि हरीश रावत को लोग सुन रहे कि नही ,लोग हमारी बात सुन रहे हैं देर रात तक लोग रुककर बात सुन रहे है। उन्होंने केजरीवाल पर तंज करते हुए कहा कि उन्होंने सादे सात साल में कितनी नौकरियां दी है वहा केवल साढ़े छह हाजर सरकारी नौकरियन दी है ,न नो मन तेल होगा नजे राधा नाचेगी, हरीश रावत ने कहा कि परिवर्तन यात्रा का तीसरा, चैथा,पांचवा,छठा चरण इसी महीने से होगा और नवंबर में देहरादून में रैली के रूप में परिवर्तन के लिए हुंकार भरेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा एक लाख लोगों को नौकरी दिए जाने की घोषणा करने को लेकर हरीश रावत का कहना है कि केजरीवाल ने साढ़े 7 साल में दिल्ली में कितनी नौकरियां दी है मेरी ऑथेंटिक जानकारी में है जो एक आरटीआई एक्टिविस्ट के जवाब में दिल्ली सरकार ने दी है उन्होंने केवल साढ़े छह हजार,6557 सरकारी नौकरियां दी है जब साढ़े 7 साल में साढ़े छह हजार को नौकरी दी है। तब हमारे यहां एक लाख नौकरियां कहां से दे देंगे ,न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी। वार्ता के दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रहमचारी,पुरूषोत्तम शर्मा,नईम कुरैशी,राजवीर सिंह चैहान,अरविन्द शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित थे।