ऋषिकेश मंडी समिति में भ्रष्टाचार का आरोप लगा टावर पर चढ़ा युवक, पांच लाख रिश्वत मांगने का दावा

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​ऋषिकेश। कृषि उत्पादन मंडी समिति ऋषिकेश में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हरीश पांडे नाम का एक युवक परिसर में लगे टावर पर जा चढ़ा। युवक ने मंडी समिति के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और लाइसेंस के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कवायद में जुट गई।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब नौ बजे की है। युवक अचानक मंडी परिसर स्थित टावर पर चढ़ गया और मांगें पूरी न होने पर नीचे न उतरने की चेतावनी देने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही मंडी समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।

​रिश्वतखोरी और महंगे किराये का लगाया आरोप

टावर पर चढ़े हरीश पांडे ने फोन पर अपनी आपबीती बताते हुए आरोप लगाया कि वह काफी समय से मंडी परिसर में काम कर रहा है, लेकिन अनधिकृत और अत्यधिक किराये के कारण उसका कारोबार प्रभावित हो रहा है। युवक का दावा है कि लाइसेंस जारी करने के नाम पर उससे पांच लाख रुपये की घूस मांगी गई। उसने कहा कि मंडी में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर ध्यान खींचने के लिए ही उसने यह कदम उठाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

​इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय पार्षद रामकुमार संगर ने भी युवक का समर्थन किया। उन्होंने मंडी समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे कारोबारियों की सुनवाई नहीं हो रही है और लंबे समय से एक ही जगह जमे अधिकारियों की वजह से अव्यवस्था फैली हुई है।

​मंडी प्रशासन ने खारिज किए आरोप

दूसरी ओर, मंडी समिति के सहायक चंद्रशेखर ने इन आरोपों से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि युवक मंडी समिति में न तो पंजीकृत व्यापारी है और न ही पल्लेदार। उन्होंने बताया कि युवक ने अपनी समस्याओं को लेकर पहले कभी कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। अधिकारी ने आशंका जताई कि युवक लगातार किसी से फोन पर बात कर रहा था, जिससे लगता है कि वह किसी के बहकावे में आकर टावर पर चढ़ा है।

​घटना स्थल पर मौजूद पुलिस की टीम युवक से लगातार बातचीत कर उसे शांत करने और सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयासों में जुटी रही।