देदेहरादून: जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त सभी उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश 13 अक्टूबर से लागू हो गया है।
आदेश के मुख्य बिंदु:
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- किन उत्पादों पर है प्रतिबंध: यह प्रतिबंध केवल पहले से तैयार तंबाकू युक्त गुटखे तक सीमित नहीं है, बल्किशंश इसमें पान मसाला और ऐसे तमाम खाद्य उत्पाद शामिल हैं जिनमें तंबाकू या निकोटीन मिला हुआ है।
- अलग पैकेट वाले उत्पाद भी दायरे में: ऐसे उत्पादों पर भी रोक लगा दी गई है जिन्हें अलग-अलग पैकेट में बेचा जाता है या जिन्हें इस्तेमाल के समय तंबाकू/निकोटीन के साथ मिलाया जाता है।
- कानूनी आधार: यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा और मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बंधन) विनियम, 2011 के तहत की गई है, जिसके नियमों के अनुसार किसी भी खाद्य पदार्थ में तंबाकू और निकोटीन का उपयोग प्रतिबंधित है।
प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने इस आदेश की प्रतियां स्वास्थ्य विभाग, सभी जिलों के जिलाधिकारियों, मुख्य चिकित्साधिकारियों (CMO) और संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी हैं। इसके साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों के सभी विभागीय अधिकारियों को भी इस फैसले से अवगत करा दिया गया है, ताकि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।















