उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा आयोजित के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार अशोक सिंघल के बताए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र सेवा, हिंदू समाज के संगठन और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में लागू सख्त धर्मांतरण रोधी कानून के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे धर्मांतरण की घटनाओं में कमी आई है और कई लोगों की घर वापसी भी हुई है। इसके अलावा, राज्य में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत अब तक लगभग 13 हजार एकड़ भूमि को कब्जामुक्त कराया जा चुका है तथा गोहत्या रोकने के लिए बने कानूनों को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। सीएम ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को अशोक सिंघल के संघर्षों का प्रतिफल बताया।
देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव एवं विहिप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने भी अशोक सिंघल के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अशोक सिंघल ने देश की एकता, हिंदू धर्म की रक्षा और साधु-संतों को एक मंच पर लाने के लिए कई धर्म संसदों तथा सम्मेलनों का आयोजन किया। उन्होंने अस्सी के दशक में पंजाब अशांति के दौरान सद्भावना यात्रा निकालने, राम मंदिर का प्रारंभिक नक्शा तैयार करवाने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने जैसे ऐतिहासिक कार्य किए। कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज सहित अनेक धार्मिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विहिप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।















