हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: 83 खाद्य पदार्थों की जांच, 18 अधोमानक मिले; 4 पर मुकदमा दायर

Listen to this article

​हरिद्वार। त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने हरिद्वार जिले में एक व्यापक और सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत विभिन्न दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट में 83 खाद्य पदार्थों की मौके पर ही जांच की गई। जांच में 18 खाद्य पदार्थ गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिन्हें विभाग की टीम ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इसके अलावा, गंभीर लापरवाही और बिना लाइसेंस व्यवसाय चलाने पर 4 कारोबारियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया गया है।

​बड़े पैमाने पर की गई सेंपलिंग और जांच

​खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार, सहायक आयुक्त महिमानंद जोशी के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा की टीम ने ज्वालापुर, कटहरा बाजार, अनाज मंडी, जटवाड़ा पुल, कृष्णानगर कनखल, शिवमूर्ति चौक और मायापुर में औचक छापेमारी की।

​विभाग की सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने दूध, मिठाइयों, मसालों, तेल-घी और अनाज के कुल 83 नमूनों का परीक्षण किया:

  • ​मसाले: 45 में से 12 नमूने अधोमानक पाए गए।
  • ​मिठाइयां: 14 में से 4 नमूने फेल हुए।
  • ​दूध एवं दुग्ध उत्पाद: 9 में से 2 नमूने घटिया पाए गए।
  • ​तेल-घी व अनाज: 15 नमूनों की भी जांच की गई।

​इसके अलावा कुट्टू के आटे, बादाम, किशमिश और गाय के दूध समेत 6 विधिक (लीगल) नमूने लेकर प्रयोगशाला में विस्तृत जांच के लिए भेजे गए हैं।

​बिना लाइसेंस चल रहा था होटल, किचन में मिली भारी गंदगी

​निरीक्षण के दौरान मायापुर स्थिति निरंजनी अखाड़ा रोड पर संचालित ‘हôtel गंगा किनारे’ में भारी अनियमितताएं सामने आईं:

  • ​होटल बिना वैध खाद्य लाइसेंस के चलाया जा रहा था।
  • ​किचन में खाद्य पदार्थों का भंडारण और निर्माण बेहद गंदगी के बीच हो रहा था।
  • ​होटल प्रबंधन पेस्ट कंट्रोल, पेयजल जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों की मेडिकल रिपोर्ट और स्वच्छता संबंधी कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

​इस घोर लापरवाही पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत चालानी कार्रवाई की गई है, जिसमें अधिकतम 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

​चार कारोबारियों पर न्यायालय में केस दर्ज

​खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और अधोमानक सामग्री बेचने पर चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं:

  1. ​अधोमानक पनीर बिक्री: एक होटल संचालक और एक थोक पनीर आपूर्तिकर्ता के खिलाफ न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किया गया।
  2. ​मानकों का उल्लंघन: भीमगौड़ा स्थित एक रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज हुआ।
  3. ​बिना लाइसेंस व्यापार: रुड़की में बिना लाइसेंस के खाद्य कारोबार चलाने पर एक व्यापारी के खिलाफ मुकदमा पेश किया गया।