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हिन्दुस्तान की सनातन संस्कृति का प्रतीक है श्रीराम मंदिर-ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी

हरिद्वार। श्री जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण होने पर हर्ष जताते हुए कहा कि भव्य राम मंदिर हिंदुस्तान की संस्कृति का प्रतीक है। पांच सौ वर्षो से राम भक्त उनके दर्शनों के लिए लालायित थे। भगवान राम सभी सनातनियों के हृदय में निवास करते हैं। स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि उन्हें 22जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का निमंत्रण मिला है और वे समारोह में अवश्य शामिल होंगे। वे भगवान राम के उपासक हैं और इस अनुष्ठान में शामिल होना गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर 22 जनवरी को जयराम आश्रम में हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान सनातनियों का है। जो लोग राम मंदिर का विरोध कर रहे हैं,वे सनातन धर्म का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम सबके हैं और जन-जन के आराध्य हैं। भगवान श्रीराम ने समाज के लिए जो आदर्श स्थापित किए हैं। उन पर चलते हुए राष्ट्र की प्रगति और उन्नति में सहयोग करें।

त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश महाराज-श्रीमहंत रविंद्रपुरी

संतों के आशीर्वाद के बिना जीवन अधूरा-ऋतु खण्डूरी
गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप है-महंत रूपेंद्र प्रकाश

हरिद्वार। ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी हंसप्रकाश महाराज का एकादश निर्वाण दिवस सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों,गणमान्य लोगों एवं श्रद्धालुजनों की उपस्थिति में समारोह पूर्वक मनायी गयी। श्री प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वामी हंसप्रकाश महाराज त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। उनके नाम का सिमरन करने मात्र से ही भक्तों का कल्याण हो जाता है। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि संत महंत अखाड़ों से हैं। कुछ आचार्य महामंडलेश्वरों को गलतफहमी है कि वे अखाड़ों के गुरू हैं। अखाड़े के ईष्टदेव ही अखाड़े के गुरू हैं। अखाड़े सर्वोच्च हैं। अखाड़े ही संत,महंत,महामंडलेश्वर और आचार्य महामंडलेश्वर की पदवी प्रदान करते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूरी ने कहा कि राजसत्ता धर्म सत्ता के बिना अधूरी है। संतों के आशीर्वाद के बिना जीवन अधूरा है। स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने सभी संत महापुरूषों व अतिथीयों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं। गुरूदेव ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी हंसप्रकाश महाराज से प्राप्त ज्ञान और शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए मानव कल्याण में योगदान करना ही उनके जीवन का उद्देश्य है। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद,महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनि,भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत हंसप्रकाश महाराज दिव्य आत्मा थे। उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए मानव कल्याण में योगदान करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। सांसद डा.रमेश पोखरियाल निशंक व पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी हंसप्रकाश महाराज समाज के प्रेरणास्रोत थे। उनके विचार और शिक्षाएं सदैव प्रासंगिक रहेंगी। स्वामी गुरदेव प्रकाश,संजीव चौधरी,आशीष कुमार,विश्वास सक्सेना,जगदीश लाल पाहवा,प्रमोद शर्मा, डा.विशाल गर्ग,अनिल सैनी,सचिन चाहल ने सभी संत महापुरूषों और अतिथियों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर श्रीमहंत रविंद्रपुरी,स्वामी प्रबोधानंद,स्वामी ललितानंद गिरी, श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह,स्वामी ऋषिश्वरानंद,बाबा हठयोगी महंत विष्णुदास,महंत राघवेंद्र दास ,महंत गोविंददास,स्वामी अनंतानंद,स्वामी कपिलमुनि,स्वामी हरिचेतनानंद,ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ,स्वामी चिदविलासानंद,स्वामी प्रेमानंद,स्वामी शिवानंद,स्वामी भगवत रूवरूप,साध्वी प्राची,आशीष शर्मा,संजय गुप्ता,विशाल गर्ग,महंत अमनदीप सिंह,संत सहजादानंद, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक,ओमप्रकाश जमदग्नि,आप नेता नरेश शर्मा,स्वामी रामविशाल देव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।

श्री यज्ञेश्वर धाम के सेवा प्रकल्प सराहनीय: जसवंत सैनी

हरिद्वार। श्री यज्ञेश्वर धाम में प्रथम बार पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास एवं संसदीय मंत्री जसवंत सैनी ने श्रीराम नाम लेखन के साथ गंगा घाटो की सफाई आदि के साथ चल रहे तमाम प्रकल्पों की सराहना की। उन्होंने धाम के परमाध्यक्ष आत्मयोगी देवजी महाराज से मुलाकात कर विभिन्न आयामों पर चर्चा की। श्री यज्ञेश्वर धाम के परमाध्यक्ष आत्मयोगी देवजी महाराज ने पटका एवं श्रीराम का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। आत्मयोगी देवजी महाराज ने उन्हें बताया कि धाम में श्रीराम की प्रतिमा स्थापित करने के साथ 51लाख करोड़ हस्तलिखित राम नाम जप महायज्ञ आश्रम में 22जनवरी तक संचालित रहेगा। उन्होंने बताया कि ऋषिकुल मैदान के पास श्री राम नाम विश्व बैंक समिति को एक गंगा घाट भी आवंटित हो गया है,जिसकी सफाई का काम रविवार को होगा। श्री राम नाम समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुमित तिवारी ने बताया कि देश-विदेश से हजारों भक्त कार्यक्रमों में शामिल होंगे। आश्रम में बड़े स्तर पर कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर है। आश्रम में निरंतर सुन्दर काण्ड व हनुमान चालीसा का पाठ भी जारी रहेगा। उन्होंने कार्यक्रमों में सभी को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस मौके पर कृष्ण चंद्र सैनी,कुलदीप सैनी ,पर्वेंद्र पंवार,सुशील सैनी,सचिन चौधरी,मोहित खोखर,राजकृष्ण प्रधान,अंकित चौधरी,जोगेंद्र मावी ,अमित त्यागी,कुलदीप त्यागी,करण पंडित,गंगा सम्मल,खीम,उत्तम मिश्रा,वीर गुर्जर आदि शामिल हुए।राम

मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर को भव्य रूप से मनाएगी रामलीला कमेटी

हरिद्वार। श्री रामलीला कमेटी रजि. हरिद्वार की बैठक राम लीला भवन में संपत्ति कमेटी के अध्यक्ष सुनील भसीन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए राम लीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा ने कहा कि भगवान श्रीराम सनातन संस्कृति के आधार हैं। हिंदू समाज के लिए यह गर्व की बात है कि लगभग 500साल तक संघर्ष करने के बाद अयोध्या में 22जनवरी को भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। राम लीला कमेटी के डायरेक्टर भगवत शर्मा एवं मंत्री रविकांत अग्रवाल ने कहा कि 22जनवरी को रामलीला भवन में श्रीराम दरबार को भव्य रूप से फूलों तथा लाइटों से सजाया जाएगा तथा शाम को भजन संध्या एवं भव्य आतिशबाजी की जाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि 22जनवरी को जब अयोध्या में भगवान राम के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी। उस दिन भव्य एवं दिव्य कार्यक्रम राम लीला भवन में आयोजित किया जाएगा। बैठक का संचालन डा.संदीप कपूर ने किया। बैठक में मुख्य रूप से विनय सिंगल,रविंद्र गोयल,साहिल मोदी, विशाल गोस्वामी, गोपाल, सुरेंद्र अरोड़ा,राहुल वशिष्ठ,मनोज बेदी,दर्पण चड्ढा, राजू वधावन आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।