हरिद्वार समाचार:  हरिद्वार जनपद की ताजा खबरें, यहां देखें

Listen to this article

कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी की बैठक: 30 जून तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर जिला कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित निर्माण कार्य हर हाल में 30 जून तक पूर्ण कर लिए जाएं। बैठक में एनएच और पीडब्ल्यूडी को सड़कों के कार्य दो माह में पूरा करने, नगर निगम को स्वच्छता और सिंचाई विभाग को पार्किंग टेंडर 31 मई तक करने को कहा गया। बिजली विभाग को झूलती लाइनें ठीक करने और पुलिस विभाग को निर्माण सामग्री सड़क किनारे न रखने के सख्त निर्देश दिए गए।

ई-रिक्शा के खिलाफ बड़ा अभियान: 50 वाहन सीज

हरिद्वार। जनपद में अवैध ई-रिक्शा संचालन के विरुद्ध परिवहन विभाग ने बुधवार को संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाया। एआरटीओ के नेतृत्व में की गई जांच के दौरान बिना क्यूआर कोड, पंजीकरण, और फिटनेस के चल रहे 50 से अधिक ई-रिक्शाओं को सीज किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए सत्यापन अनिवार्य है और भविष्य में भी बिना क्यूआर कोड वाले वाहनों पर कठोर वैधानिक कार्यवाही जारी रहेगी।

फ्लाईओवर निर्माण की धीमी गति पर डीएम नाराज, रात में भी काम करने के निर्देश

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ज्वालापुर और बहादराबाद क्षेत्र में एनएचएआई द्वारा बनाए जा रहे फ्लाईओवर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। कार्य की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने ठेकेदारों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा से पूर्व सड़क किनारे से मलबा हटाया जाए और श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर रात्रि में भी कार्य कराया जाए, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात बाधित न हो। किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी।

बहुउद्देशीय शिविरों की जनशिकायतों की समीक्षा, राज्यमंत्री ने दिए निर्देश

हरिद्वार। राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल ने विकास भवन में डॉ. भीमराव अम्बेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविरों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवशेष ग्रामों में पुनः शिविर आयोजित कर मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जाए। राज्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने और अधिकारियों को स्वयं शिविरों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए।