वाराणसी: पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की एक महत्वपूर्ण बैठक काशी के शिवाला घाट स्थित अष्ट कौशल में संपन्न हुई। बैठक में अखाड़े के वरिष्ठ संतों एवं महंतों की उपस्थिति में कई अहम निर्णय लिए गए और सर्वसम्मति से चुनाव हुए।
इसमें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी को पुनः (निरंजनी अखाड़ा) हरिद्वार सचिव चुना गया। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की गईं।
संत समाज की एकता पर जोर:
बैठक में सभी संतों ने अखाड़े की मर्यादा एवं गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया। श्री महंत रविंद्र पुरी जी ने कहा कि संत समाज को संगठित होकर समाज के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखाड़े की परंपरा एवं नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
धार्मिकधार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय:
बैठक में आने वाले समय में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। आगामी कुंभ मेले में अखाड़े की भूमिका पर चर्चा की गई और इसके सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया।
संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रचार पर जोर:
बैठक में निर्णय लिया गया कि सनातन धर्म की शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राज्यों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे। संत समाज के माध्यम से युवा पीढ़ी को आध्यात्मिकता की ओर आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समाज को मिलेगा आध्यात्मिक लाभ: इस बैठक में लिए गए निर्णयों से सनातन धर्म के अनुयायियों को आध्यात्मिक लाभ मिलेगा और अखाड़े की गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। बैठक में उपस्थित सभी संतों ने अखाड़े की उन्नति के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।













