बीईजी आर्मी तैराक दल ने बचाए 107 कांवड़ियों के जीवन
हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले में बीईजी आर्मी के तैराक दलों ने अपनी मोटर बोटों और सभी संसाधनों के साथ विभिन्न घाटों पर अब तक 107 शिवभक्त कांवड़ियों को गंगा में डूबने से बचाया है। यह जानकारी इंडियन रेड क्रॉस के सचिव और बीईजी आर्मी तैराक दल के नोडल अधिकारी डॉ. नरेश चौधरी ने दी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के प्रयासों और पहल पर बीईजी आर्मी के कमांडेंट ब्रिगेडियर के.पी. सिंह, कर्नल अभिषेक पोखरियाल, ले. कर्नल विवेक सिंह, मेजर एल.पी. कम्बोज के नेतृत्व में यह बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
तैराक दल में शामिल रहे पुलिस स्टाफ:
* सूबेदार लखबीर सिंह
* नायब सूबेदार कुलविंदर सिंह
* हवलदार तन्मय कुमार परिजा
* हवलदार अनिल कुमार
* हवलदार बिलाल शैख
* हवलदार राजेश कुमार
* हवलदार ललित सिंह
* लांस हवलदार अनिल कुमार
* लांस हवलदार सोमनाथ गौरई
* लांस हवलदार प्रमोद चंद्र भट्ट
* नायक गुरुसेवक सिंह
* सैपर श्रीजीत एसपी
* सैपर प्रीत जैना
* सैपर सुरेंद्र सिंह
* सैपर प्रमोद सिंह
इन जवानों ने कांवड़ मेला क्षेत्र के हरकी पैड़ी के आसपास के घाटों, सुभाष घाट, सी.सी.आर. घाट, गऊघाट, कुशाघाट, हनुमान घाट, रामघाट, रोड़ी बेलवाला घाट, बिरला घाट, अलकनंदा घाट और कांवड़ पटरी मार्ग के सोलानी पुल के आसपास के क्षेत्रों में लगातार शिवभक्त कांवड़ियों को गंगा में नहाते समय डूबने से बचाने के लिए समर्पित सेवा दी है।
इस कार्य की सभी शिवभक्त कांवड़ियों, आम जनता और विशेष रूप से जिला प्रशासन द्वारा सराहना की जा रही है। जल पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अतिरिक्त बीईजी आर्मी के तैराक दलों ने अब तक कांवड़ अवधि में 107 शिवभक्त कांवड़ियों को डूबने से बचाया है। इसके साथ ही, आर्मी तैराक दलों के साथ-साथ इंडियन रेड क्रॉस के स्वयंसेवक भी प्राथमिक उपचार देकर शिवभक्त कांवड़ियों को उनके गंतव्य स्थानों तक पहुंचने में सहायता कर रहे हैं।
श्रावण में कांवड़ियों की सेवा का महत्व: श्रीमहंत बिष्णु दास महाराज

हरिद्वार में श्रीगुरुसेवक निवास उछाली आश्रम में कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर लगातार जारी है। 12 जुलाई से शुरू हुए इस कांवड़ सेवा और भंडारा शिविर में प्रतिदिन हजारों शिवभक्तों को प्रसाद, भोजन, चाय, नाश्ता और पानी नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। जलाभिषेक का दिन नजदीक आने के साथ ही सेवा शिविर में शिवभक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है।
श्रीगुरुसेवक निवास उछाली आश्रम के परमाध्यक्ष श्रीमहंत बिष्णु दास महाराज स्वयं सेवा शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद उपलब्ध करा रहे हैं। महंत बिष्णु दास ने कहा कि श्रावण मास में करोड़ों शिवभक्त तीर्थनगरी से गंगाजल लेकर विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन-पानी में ज्यादा परेशानी न हो, इसके लिए विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा सेवा शिविर के जरिये भोजन की परेशानियों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में उछाली आश्रम का पहला प्रयास शिवभक्तों की यथासंभव सेवा करना है। उन्होंने सनातन को मजबूत करने में जुटे सेवकों की सेवा को बहुत पुण्यदायी और सराहनीय बताया।
महंत बिष्णु दास ने कहा कि कांवड़ सेवा का महत्व भगवान शिव के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि श्रावण के महीने में कांवड़ियों की सेवा का बहुत महत्व है। कांवड़ियों की सेवा करके भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। श्रावण मास में कांवड़ियों की सेवा करने का अवसर एक अद्वितीय और महत्वपूर्ण अवसर है, जो हमें भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। इस सेवा के माध्यम से हम न केवल अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सेवा की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।
महंत बिष्णु दास महाराज ने बताया कि शिविर में भोजन प्रसाद ग्रहण करने के लिए आने वाले कांवड़ियों को गंगाजी की स्वच्छता और मेला के दौरान पुलिस द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करने का भी आह्वान किया जा रहा है।
शिविर संचालन में सहयोग करने वालों में शामिल हैं:
* महंत सीताराम दास
* महंत कन्हैया दास
* पुनीत दास जी
* राजाराम
* गगन बापूरिया
* सुभाष चंदवानी
* सुरेश खेड़ा
* अशोक हलुवाई
* हर्षित आहूजा
* गिरधारी लाल आदि
स्वामी वेदमूर्ति पुरी का पट्टाभिषेक: सनातन धर्म के विस्तार का संकल्प

हरिद्वार: सावन के पहले सोमवार को मां मनसा देवी चरण पादुका मंदिर परिसर में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी द्वारा एक भव्य पट्टाभिषेक समारोह का आयोजन किया गया। इस शुभ अवसर पर दिल्ली निवासी स्वामी वेद मूर्ति पुरी को विधिवत रूप से महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई।
पट्टाभिषेक संस्कार अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष, साथ ही पंचायती अखाड़ा श्रीनिरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर वेद मूर्ति पुरी अब देश और विदेशों में सनातन धर्म तथा अखाड़ा परंपराओं का प्रचार-प्रसार करेंगे। उन्होंने कहा कि संत समाज को अब आश्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे हिन्दू समाज के हित में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने 2027 के चुनावों में भी संतों की भागीदारी की आवश्यकता जताई ताकि सनातन धर्म की रक्षा और राष्ट्रहित में संतों की आवाज और अधिक मुखर हो सके।
पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरि महाराज ने भी इस अवसर पर नव-नियुक्त महामंडलेश्वर को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका जीवन अखाड़ा परंपराओं और सनातन धर्म की सेवा को समर्पित रहेगा। महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि महाराज ने कहा कि वर्तमान समय धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अत्यंत निर्णायक है, ऐसे में संत समाज को एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है। आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि संघ सदैव सनातन धर्म की रक्षा और विस्तार के लिए तत्पर है। उन्होंने स्वामी वेद मूर्ति पुरी को शुभकामनाएं दीं और धर्ममार्ग पर अडिग रहने का संदेश दिया।
महामंडलेश्वर वेद मूर्ति पुरी ने अपने संबोधन में कहा कि वे अपने गुरु श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज जी के आशीर्वाद व मार्गदर्शन में अखाड़ा परंपराओं को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने और सनातन धर्म को सशक्त बनाने का कार्य करेंगे।
इस भव्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे:
* महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि
* श्रीमहंत राजगिरि
* महंत रवि पुरी
* रोहित गिरि उर्फ राधे
* पंडित अधीर कौशिक
* प्रमोद गिरि (राष्ट्रीय अध्यक्ष, दशनाम गोस्वामी अखाड़ा)
* सहित सैकड़ों संत, महंत और श्रद्धालु।













