इंकलाबी मजदूर केन्द्र का सातवाँ सम्मेलन: सांगठनिक संकल्प और पुरजोर संघर्ष का आह्वान

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हरिद्वार, 5 अक्टूबर। इंकलाबी मजदूर केन्द्र (IMK) का सातवां सम्मेलन अपने दूसरे दिन सांगठनिक रिपोर्ट पेश करने और नई नेतृत्व टीम चुनने के साथ संपन्न हुआ।

महासचिव रोहित ने सांगठनिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें पिछले तीन वर्षों की गतिविधियों, चुनौतियों और समस्याओं पर गंभीर चर्चा की गई। सदन में संगठन को मजबूत करने, विस्तारित करने और मजदूरों, मेहनतकशों, महिलाओं, शोषित-उत्पीड़ित दलितों, अल्पसंख्यकों और पीड़ित राष्ट्रीयताओं के हक-अधिकारों के लिए पुरजोर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।

​प्रमुख प्रस्ताव और चुनाव

​सम्मेलन में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए और संघर्ष करने का संकल्प लिया गया, जिनमें शामिल हैं:

  • ​गाजा में फिलिस्तीनी नरसंहार का विरोध।
  • ​उत्तराखण्ड में यूसीसी (UCC) लागू किए जाने का विरोध।
  • ​भारत-पाक युद्ध का विरोध।
  • ​महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का विरोध।
  • ​मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं का विरोध।
  • हिन्दू फासीवाद के बढ़ते खतरे का विरोध।
  • ​तीन आपराधिक काले कानूनों का विरोध।

​सम्मेलन ने खीमानन्द को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना, साथ ही 36 सदस्यीय केन्द्रीय परिषद और 11 सदस्यीय केन्द्रीय कमेटी का चुनाव किया। आगामी सम्मेलन तक के लिए नए पदाधिकारियों के रूप में:

  • रोहित – महासचिव
  • पंकज – उपाध्यक्ष
  • सुरेन्द्र – कोष सचिव

​खुला सत्र और जुलूस

​सम्मेलन का समापन एक खुला सत्र और उसके बाद एक जुलूस के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में हरिद्वार, रुद्रपुर, गुड़गांव सहित विभिन्न कंपनियों (आईटीसी, एवरेडी, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, बीएचईएल आदि) की यूनियनों के पदाधिकारियों/कार्यकर्ताओं के साथ-साथ क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, हरियाणा के जन संघर्ष मंच और अन्य सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।

​खुला सत्र के बाद निकाला गया जुलूस सुभाष नगर मार्केट से होते हुए सम्मेलन स्थल राजमहल बैंकट हाल पहुंचा, जहां एक छोटी सभा हुई। अंत में, क्रांतिकारी गीतों के साथ पूरे जोशो-खरोश से सम्मेलन का विधिवत समापन किया गया