अमरता की मिसाल: माँ-बेटे ने देहदान कर मानवता को दी नई रोशनी

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नीरज मलिक और उनकी माँ विमल रानी मलिक ने मरणोपरांत अंगदान और देहदान कर समाज के सामने मानवता की एक मिसाल पेश की है। पहले नीरज मलिक ने अपनी आँखें और देह दान कर दूसरों को जीवनदान दिया, और अब उनकी माँ विमल रानी ने भी उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते हुए अपनी आँखें और शरीर समाज सेवा व चिकित्सा शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। जॉली ग्रांट हॉस्पिटल की टीम के सहयोग से इस महादान को संपन्न किया गया। मुस्कान फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा मलिक ने अपने पति और सास को खोने के दुख के बीच इस नेक निर्णय के जरिए दो जिंदगियों को रोशन कर दिया। यह निस्वार्थ बलिदान न केवल माँ-बेटे के अटूट रिश्ते को दर्शाता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि देहदान के माध्यम से मृत्यु के बाद भी अमर रहा जा सकता है।