हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार स्थित मोतीचूर रेलवे स्टेशन इन दिनों अपनी नई सुविधाओं और बढ़ती चुनौतियों के कारण चर्चा में है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सहूलियत के लिए हाल ही में यहाँ एक आधुनिक जलपान कैंटीन शुरू की है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, इस जन-सुविधा की खुशी के बीच एक गंभीर तकनीकी समस्या ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- प्लेटफार्म की कम लंबाई: स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण और लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन प्लेटफार्म की लंबाई कम होने के कारण ट्रेन के आधे से अधिक डिब्बे बाहर खड़े रहते हैं।
- दुर्घटना का भय: प्लेटफार्म से बाहर खड़े डिब्बों से उतरते समय बुजुर्गों, बच्चों और भारी सामान वाले यात्रियों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। जमीन और पायदान के बीच अधिक दूरी होने से हर वक्त हादसे का अंदेशा बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहाँ विभाग ने कैंटीन देकर सराहनीय कार्य किया है, वहीं प्लेटफार्म विस्तारीकरण की अनदेखी यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। अब देखना यह होगा कि रेल प्रशासन इस समस्या का समाधान कब तक करता है।












