हरिद्वार 25 अगस्त 2026, जिला प्रशासन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल कर रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। रुड़की ब्लॉक की बेलड़ा ग्राम पंचायत को एक मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किया जा रहा है। यदि यह योजना सफल होती है, तो इसे पूरे राज्य के लिए एक नजीर के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन की भूमिका
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा गया है। इन महिलाओं द्वारा ग्राम पंचायत में घर-घर जाकर कूड़ा संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। इस सेवा के लिए प्रति घर मात्र तीस रुपये का शुल्क लिया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार ललित नारायण मिश्र ने आज ग्राम पंचायत बेलड़ा का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राधे-राधे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे घर-घर कूड़ा कलेक्शन की विधि को समझा। उन्होंने देखा कि किस प्रकार ग्राम प्रधान के नेतृत्व में नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जा रहा है, जिससे गांव में स्वच्छता की अलख जगी है। इस अभियान में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के उत्साह को देखते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को प्रत्येक विकास खंड से 10-10 ग्राम प्रधानों की टीमें बनाकर बेलड़ा मॉडल का अध्ययन भ्रमण कराने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं को स्वच्छता की शपथ भी दिलवाई। महिलाओं की भागीदारी से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में यह पहल न केवल ग्रामीण स्वच्छता को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बेलड़ा ग्राम पंचायत का यह मॉडल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।




