हरिद्वार: जीएसटी विभाग द्वारा की जा रही लगातार छापेमारी से नाराज हरिद्वार के इलेक्ट्रिक व्यापारियों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। ‘हरिद्वार इलेक्ट्रिक एसोसिएशन’ के बैनर तले एकजुट हुए व्यापारियों ने ज्वालापुर तहसील से चंद्राचार्य चौक तक जोरदार विरोध रैली निकाली और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह कार्रवाई तुरंत नहीं रोकी गई, तो सोमवार से पूरा बाजार बंद कर दुकानें की चाबियां अधिकारियों को सौंप दी जाएंगी।
कारोबारियों में भय का माहौल, ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक कारोबारियों को ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाकर बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा कम समय का नोटिस देकर एडवांस टैक्स के नाम पर लाखों रुपये जमा कराने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। राजीव गुप्ता ने कहा कि व्यापारी पहले से ही मंदी, भारी बारिश, ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट शुल्कों की मार झेल रहे हैं। ऐसे में दीपावली जैसे मुख्य त्योहारी सीजन से ठीक पहले इस प्रकार की कार्रवाई से व्यापारियों का व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
नोटिस देने के बजाय सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास
व्यापारी नेता विशाल गर्ग ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाले व्यापारियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार ठीक नहीं है। यदि जीएसटी विभाग को किसी व्यापारी के टैक्स या कारोबार पर कोई संदेह है, तो नियमानुसार लिखित नोटिस भेजकर कार्यालय में स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए। सीधे दुकानों पर छापेमारी करने से व्यापारियों की सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा धक्का पहुंचता है।
उग्र आंदोलन की तैयारी
एसोसिएशन के महामंत्री सुशांत शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि विभाग ने अपनी दमनकारी कार्रवाई पर लगाम नहीं लगाई, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र होगा। सोमवार तक छापेमारी न रुकने की स्थिति में सभी इलेक्ट्रिक कारोबारी अपनी दुकानें पूर्ण रूप से बंद रखेंगे और सामूहिक रूप से अपनी चाबियां शासन-प्रशासन के सुपुर्द करेंगे।













