हरिद्वार, 20 सितंबर2026
सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र हरिद्वार में आयोजित कुंभ मेला प्रशिक्षण 2027 के आठवें चरण के तहत इंडियन रेडक्रास उत्तराखंड के चेयरमैन डॉ. नरेश चौधरी ने प्रशिक्षु पुलिस कर्मियों को कुंभ, अर्धकुंभ और सोमवती अमावस्या जैसे बड़े स्नान पर्वों के सफल प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण बारीकियों की जानकारी दी।
विशेष व्याख्यान देते हुए डॉ. नरेश चौधरी ने देश के चारों स्थानों पर आयोजित होने वाले कुंभ मेलों के इतिहास और अतीत में हुई प्रमुख घटनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अतीत में हुई प्रत्येक घटना से मेला प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं को एक नई सीख मिलती है। यदि नए अधिकारियों और कर्मियों को इन अनुभवों से रूबरू कराया जाए, तो भविष्य में हादसों की पुनरावृत्ति को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि जांच आयोगों और जनता द्वारा दिए गए सुझावों को प्रशासन आगामी मेलों में लागू भी करता रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने हरिद्वार कुंभ 1986, सोमवती स्नान पर्व 1996, कुंभ मेला 2004, कुंभ मेला 2010 और वर्ष 2011 में शांतिकुंज द्वारा आयोजित शताब्दी मेले की घटनाओं व जांच आयोगों की सिफारिशों का विशेष रूप से उल्लेख किया।
लगभग चार दशकों से जिला व मेला प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभा रहे डॉ. चौधरी ने अपने दीर्घकालिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन में साधु-संतों, अखाड़ों, प्रशासनिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के बीच बेहतर सामंजस्य अनिवार्य है। इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण से पुलिस कर्मी भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार होते हैं।













