उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से मिले कड़े निर्देशों के बाद विभाग की टीम ने रुड़की ब्लॉक के नन्हेड़ा अनेतपुर गांव स्थित एक पनीर निर्माण इकाई पर 3 अक्टूबर की देर रात औचक छापेमारी की। उपायुक्त गढ़वाल मंडल आरएस रावत के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, पवन कुमार और एसपी देहात अभय प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ शामिल रहे।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके पर पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर की मदद से अवैध रूप से ‘एनालॉग पनीर’ (कृत्रिम या मिलावटी पनीर) बनाते हुए आजाद पुत्र ईसाक को रंगे हाथों पकड़ा। यह पनीर मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और नियमों के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित है। जांच दल को मौके से लगभग दो क्विंटल सेमी-प्रोसेस्ड मिलावटी पनीर, 20 किलोग्राम पामोलीन ऑयल (दो टीन में) और 30 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर बरामद हुआ।
पूछताछ के दौरान आरोपी निर्माता ने स्वीकार किया कि वह स्किम्ड मिल्क पाउडर और पामोलीन ऑयल का मिश्रण तैयार कर नकली पनीर का निर्माण करता था और इसे बाजार में 240 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तुरंत कदम उठाते हुए लगभग दो क्विंटल सेमी-प्रोसेस्ड पनीर और 20 किलो पामोलीन ऑयल को मौके पर ही नष्ट करवा दिया, जबकि 30 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर को जब्त कर सीज कर दिया।
प्रतिबंधित खाद्य सामग्री के निर्माण और स्वास्थ्य मानकों के उल्लंघन के कारण विभाग ने उक्त पनीर निर्माण इकाई को अग्रिम आदेशों तक पूरी तरह सील कर दिया है। इसके अलावा, मामले की कानूनी पुष्टि के लिए खुले पनीर, पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर के तीन विधिक सैंपल (नमूने) लेकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 (FSSAI) के तहत आरोपी निर्माता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त अदालती कार्रवाई की जाएगी।















