श्री सीताराम नाट्य कला संस्थान के तत्वावधान में भूपतवाला स्थित रामलीला मंच पर शुक्रवार को ‘राम-सुग्रीव मित्रता’ और ‘बाली वध’ के प्रसंग का सजीव मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा निकाय प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अनिरुद्ध भाटी तथा स्थानीय पार्षद राजेश शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सच्चा मित्र वही जो संकट में साथ दे
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अनिरुद्ध भाटी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, कर्तव्य और उच्च आदर्शों का प्रतीक है। रामलीला हमें माता-पिता, मित्रों, सेवकों और यहाँ तक कि प्रतिद्वंदियों के साथ भी सही व्यवहार करने की सीख देती है। भगवान राम और सुग्रीव का प्रसंग यह दर्शाता है कि सच्चा मित्र वही है जो मुश्किल वक्त में साथ खड़ा रहे और अपने वचन को हर हाल में पूरा करे।
सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों की संवाहिका
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पार्षद राजेश शर्मा ने कहा कि रामलीला मात्र एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को सत्य, सद्भाव और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला एक महान सांस्कृतिक उत्सव है।
कलाकारों के अभिनय ने मोहा मन
मंचन के दौरान कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभु श्रीराम और सुग्रीव की अटूट मित्रता तथा अन्याय के खिलाफ संघर्ष के दृश्यों पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत में रामलीला समिति के अध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता, महामंत्री नीरज शर्मा और कोषाध्यक्ष अजय वर्मा ने अतिथियों का फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष व पार्षद सूर्यकांत शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, गगन यादव, जितेंद्र यादव, प्रमोद रावत, आशीष कंडवाल सहित भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्री सीताराम नाट्य कला संस्थान के तत्वावधान में भूपतवाला स्थित रामलीला मंच पर शुक्रवार को ‘राम-सुग्रीव मित्रता’ और ‘बाली वध’ के प्रसंग का सजीव मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा निकाय प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अनिरुद्ध भाटी तथा स्थानीय पार्षद राजेश शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सच्चा मित्र वही जो संकट में साथ दे
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अनिरुद्ध भाटी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, कर्तव्य और उच्च आदर्शों का प्रतीक है। रामलीला हमें माता-पिता, मित्रों, सेवकों और यहाँ तक कि प्रतिद्वंदियों के साथ भी सही व्यवहार करने की सीख देती है। भगवान राम और सुग्रीव का प्रसंग यह दर्शाता है कि सच्चा मित्र वही है जो मुश्किल वक्त में साथ खड़ा रहे और अपने वचन को हर हाल में पूरा करे।
सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों की संवाहिका
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पार्षद राजेश शर्मा ने कहा कि रामलीला मात्र एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को सत्य, सद्भाव और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला एक महान सांस्कृतिक उत्सव है।
कलाकारों के अभिनय ने मोहा मन
मंचन के दौरान कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभु श्रीराम और सुग्रीव की अटूट मित्रता तथा अन्याय के खिलाफ संघर्ष के दृश्यों पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत में रामलीला समिति के अध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता, महामंत्री नीरज शर्मा और कोषाध्यक्ष अजय वर्मा ने अतिथियों का फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष व पार्षद सूर्यकांत शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, गगन यादव, जितेंद्र यादव, प्रमोद रावत, आशीष कंडवाल सहित भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।














