भेल परिवार ने दी बाबासाहब को श्रद्धांजलि
हरिद्वार। भारतीय संविधान के निर्माता,भारत रत्न डॉ.भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में, बीएचईएल उपनगरी स्थित स्वर्ण जयंती उद्यान में, एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीएचईएल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक प्रवीण चन्द्र झा ने, बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रवीण चन्द्र झा ने कहा कि डा.अम्बेडकर ने हमेशा समानता, स्वतंत्रता और बंधुता पर आधारित समाज के निर्माण हेतु कार्य किया। उन्होंने अपना सारा जीवन तत्कालीन भारत में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में लगा दिया। उनका मानना था कि समाज के हर वर्ग को सशक्त किए बिना, एक मजबूत राष्ट्र की कल्पना नहीं की जा सकती है। कार्यक्रम में उपस्थित महाप्रबन्धक (प्रभारी) सीएफएफपी वी.के.रायजादा सहित उपस्थित महाप्रबंधकों,वरिष्ठ अधिकारियों,कर्मचारियों,श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा एससी एसटी फैडरेशनों के पदाधिकारियों आदि ने भी, बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर,उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रतिबद्वता दोहरायी।
परिनिर्वाण दिवस पर डा.भीमराव युवा संगठन समिति ने दी डा.अंबेडकर को श्रद्धांजलि
हरिद्वार। संविधान निर्माता डा.भीमराव अम्बेडकर का परिनिर्वाण दिवस डा. भीमराव युवा संगठन समिति द्वारा सामाजिक समरता दिवस के रूप में मनाया गया और डा.अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। समिति के अध्यक्ष संजय त्रिवाल ने डा.भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति पर माल्यापर्ण करते हुए कहा कि डा.अंबेडकर ने समाज में फैली जातपात जैसी बुराईयों को दूर करने तथा वंचित समाज को उनके अधिकार दिलाने के लिए जीवन पर्यन्त संघर्ष किया। उन्होंने देश को संवैधानिक लोकतांत्रिक व्यवस्था देकर दलित समाज पर किए जा रहे जातिगत कुठाराघात को भेदने कोशिश की और संविधान में दलितों, शोषितों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रावधान किए। सीनियर सिटीजन काउंसिल के महामंत्री तेज प्रकाश साहू ने कहा कि डा.भीमराव अंबेडकर के सिद्धांत और विचार सैदव प्रासंगिक रहेंगे। उन्होंने कहा कि डा.अंबेडकर स्वयं छुआछूत व जाति प्रथा से शोषित थे और देश की वास्तविक सामाजिक स्थिति को समझते थे। इसलिए उन्होंने समाज के शोषित व वंचित तबके के अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में प्रावधान किए। ऐसे महापुरूष को पूरा विश्व हमेशा याद रखेगा। इस अवसर पर हरि सिंह सोनी,दौलत कुमार,अमन त्रिवाल,मनोज विश्नोई,नितिन जाटव,पवन कुमार,सन्नी कुमार,बली कुमार,राकेश कुमार,सुन्दर कुमार, गोपी जाटव आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।












