हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर वन विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो शातिर शिकारियों को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक बिज्जू (एशियन पाम सिवेट) का शव और शिकार में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए हैं।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को वन विभाग को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि चिड़ियापुर रेंज के अंतर्गत कुछ असामाजिक तत्व वन्यजीवों के अवैध शिकार की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया।
चिड़ियापुर रेंजर महेश शर्मा के नेतृत्व में टीम ने सबलगढ़ कक्ष संख्या 6 बी (NH-34) के पास रणनीतिक घेराबंदी की। सघन चेकिंग के दौरान नजीबाबाद की ओर से आ रही एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका गया। टीम को देख बाइक सवारों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन वन कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
बैग से बरामद हुआ संरक्षित जीव का शव
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंकज और सौरभ के रूप में हुई है, जो हरिद्वार के चंडीघाट स्थित सपेरा बस्ती के निवासी बताए जा रहे हैं। जब टीम ने उनके पास मौजूद काले रंग के बैग की तलाशी ली, तो उसमें संरक्षित प्रजाति के बिज्जू का शव मिला। इसके अलावा आरोपियों के पास से:
- दो धारदार लोहे के हथियार (शिकार के लिए प्रयुक्त)
- खून से सनी कमीजें
- अपराध में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (जिसे सीज कर दिया गया है)
बरामद किए गए।
कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज, भेजे गए जेल
वन विभाग ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई में शामिल टीम
इस सफल ऑपरेशन में रेंजर महेश शर्मा के साथ वन दरोगा गौतम राठौर, धर्मपाल सिंह रावत, वन आरक्षी नवल पाठक, सुनील कुमार, रमेश और अमित कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई।













