उत्तराखंड में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: बड़ी कार्रवाई

Listen to this article

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून में एक अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस सेंटर के माध्यम से अमेरिका और कनाडा के लोगों को फ्लाइट बुकिंग के नाम पर ठगा जा रहा था। पुलिस ने मौके से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 47 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कैनाल रोड पर स्थित बचत स्टोर बिल्डिंग के तीसरे मंजिल पर एक अवैध कॉल सेंटर चल रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापा मारा और मौके पर 65 केबिन बनाए हुए पाए, जिनमें कई युवक-युवतियां कॉल करके लोगों से डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी ले रहे थे।

क्या हुआ जब पुलिस पहुंची?

जब पुलिस टीम पहुंची तो देखा कि यह कॉल सेंटर ‘पीसीएम वर्ल्डवाइड फ्लाइट लिमिटेड’ के नाम से चल रहा था। यहां मौजूद कर्मचारी विदेशी लोगों को फोन करके फ्लाइट बुकिंग के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस ने मौके से विकास उर्फ फिलिप, मोहम्मद मोनिश उर्फ जॉन और मन्नू यादव उर्फ रॉब नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

कहां भाग गया मुख्य आरोपी?

पुलिस जांच में पता चला है कि इस कॉल सेंटर का मुख्य आरोपी दिल्ली में रहता है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

क्या बरामद हुआ?

पुलिस ने मौके से 48 मॉनिटर, सीपीयू और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। आरोपियों के बैंक खातों की जांच में लाखों डॉलर का लेनदेन पाया गया है, जो इस बात का सबूत है कि यह गिरोह लंबे समय से ठगी का काम कर रहा था।

क्या कहा एसपी सिटी ने?

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

यह घटना क्यों है खास?

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और ठग नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है और उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले अच्छी तरह सोच लेना चाहिए।