धर्म कर्म: बाबा वीरभद्र सेवाश्रम न्यास का छठा वार्षिकोत्सव

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सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में संत समाज की अहम भूमिका – जगदगुरु शंकराचार्य

महापुरुषों के सानिध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों से देश और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है- मदन कौशिक

हरिद्वार के श्यामपुर कांगड़ी स्थित बाबा वीरभद्र सेवाश्रम न्यास का छठा वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, भाजपा विधायक मदन कौशिक और बाबा वीरभद्र सेवाश्रम न्यास के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरि महाराज ने मां दुर्गा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में संत समाज की अहम भूमिका है। उन्होंने स्वामी गर्व गिरि महाराज को एक उच्च कोटि के संत बताया और युवा संतों से उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया।
महामंडलेश्वर स्वामी अर्जुन पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, बाबा हठयोगी और स्वामी ऋषिश्वरानंद ने कहा कि युवा पीढ़ी को संतों द्वारा बताए मार्ग पर चलकर देश, समाज और धर्म की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने स्वामी गर्व गिरि महाराज की समाज को धर्म और संस्कृति की शिक्षा देने में की गई महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की।
बाबा वीरभद्र सेवाश्रम न्यास आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरि ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य के बताए मार्ग पर चलकर देश और धर्म की सेवा करना संतों का कर्तव्य है। उन्होंने सभी से सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पूरे देश में न्याय के देवता वीरभद्र के मंदिर बनाने के लिए एक अभियान शुरू किया जाएगा।
विधायक मदन कौशिक ने स्वामी गर्व गिरि महाराज को एक महान संत बताया और कहा कि संत महापुरुषों के सानिध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों से देश और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस अवसर पर कई अन्य गणमान्य लोग और श्रद्धालु भी उपस्थित थे। बाबा वीरभद्र सेवा संगठन के पदाधिकारियों ने सभी संत महापुरुषों और अतिथियों का स्वागत किया।
समाचार के प्रमुख बिंदु:
* बाबा वीरभद्र सेवाश्रम न्यास का छठा वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
* जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने संत समाज की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
* स्वामी गर्व गिरि महाराज को एक उच्च कोटि के संत के रूप में सम्मानित किया गया।
* युवा पीढ़ी को संतों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
* पूरे देश में न्याय के देवता वीरभद्र के मंदिर बनाने का अभियान शुरू किया जाएगा।
यह समाचार सनातन धर्म और संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाता है और संत समाज की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।