
देहरादून: 38वें राष्ट्रीय खेलों की मशाल ‘तेजस्विनी’ का उत्तराखंड में भव्य स्वागत किया गया। इस मशाल को खिलाड़ियों के जोश और उत्साह का प्रतीक माना जा रहा है। मशाल का डिजाइन उत्तराखंड के देवदार के पेड़ से प्रेरित है, जो खिलाड़ियों को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। मशाल के ऊपर ब्रह्मकमल का फूल खिलाड़ियों के अटूट उत्साह का प्रतीक है। इसके अंदर बहता गंगाजल उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को दर्शाता है।
‘तेजस्विनी’ सिर्फ एक मशाल नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के समर्पण और मेहनत की कहानी भी बयां करती है। यह उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का भी प्रतीक है। यह मशाल खेल भावना, एकता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश देती है। हमें उम्मीद है कि ‘तेजस्विनी’ पूरे विश्व में अपनी चमक फैलाएगी और खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित करेगी।













