देहरादून: उत्तराखंड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले राज्य के खेल प्रशिक्षकों के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खेलों के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप देना और खेलों के महत्व को रेखांकित करना था।
सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सी.ओ. पूर्णिमा गर्ग ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं बल्कि युवाओं को गलत आदतों से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाने का निर्देश दिया।
द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता हंसा मनराल ने प्रशिक्षकों को अपने ज्ञान को निरंतर बढ़ाते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक कोच को सिर्फ खेल सिखाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे खिलाड़ियों की क्षमता को पहचानकर उन्हें बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।
इस सत्र के माध्यम से प्रशिक्षकों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां और दिशानिर्देश दिए गए, जिससे उन्हें राष्ट्रीय खेलों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होने में मदद मिलेगी। यह सत्र उत्तराखंड के खेल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और राज्य को खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
2025-01-13














