हरिद्वार में पब्लिक स्कूलों की मनमानी, अभिभावकों का शोषण जारी

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हरिद्वार: महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्य शिक्षा निदेशक को ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में उन्होंने पब्लिक स्कूलों पर सरकार के आदेशों की अवहेलना करने और शिक्षा विभाग पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया है।
सुनील सेठी ने कहा कि सरकार द्वारा शासन को पब्लिक स्कूलों की मनमानी के संदर्भ में कुछ नियम बनाकर कार्यवाही अमल में लाने के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन संबंधित विभागों द्वारा आदेशों पर कोई कार्यवाही न तो पहले कभी हुई न अब होती दिख रही है। जिसका खामियाजा अभिभावकों को उठाना पड़ रहा है।
हरिद्वार जिले समेत पूरे उत्तराखंड में पब्लिक स्कूलों द्वारा मनमानी करते हुए अभिवावकों का शोषण जारी है। एक ही निश्चित दुकान से किताबें व अन्य पाठ्य सामग्री महंगे दामों पर खरीदने के लिए अभिवावकों को मजबूर किया जा रहा है। लेकिन शिक्षा विभाग मूकदर्शक बना बैठा है और सरकार के आदेशों की अवहेलना कर रहा है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रीत कमल एवं जिला उपाध्यक्ष पंकज माटा ने बताया कि हरिद्वार के अधिकतर पब्लिक स्कूलों में बुरा हाल है। किसी को अगर दो पुस्तकें लेनी है उसे पूरा सिलेबस लेने को मजबूर किया जाता है। एक ही चिन्हित दुकान से पुस्तकें महंगे दामों पर खरीदने को बाध्य किया जाता है। सभी जानकारी होने के बाद भी शिक्षा विभाग द्वारा कोई कार्यवाही न होने से अभिवावकों में रोष है।
ज्ञापन देने वालों में हरिमोहन भारद्वाज, महानगर उपाध्यक्ष सुनील मनोचा, मुकेश अग्रवाल, सोनू चौधरी, महेश कॉलोनी, राजू जोशी, अनिल कोरी, एसएन तिवारी, राहुल अरोड़ा आदि शामिल रहे।

* पब्लिक स्कूलों द्वारा सरकार के आदेशों की अवहेलना
* शिक्षा विभाग की उदासीनता
* अभिभावकों का शोषण
* एक ही दुकान से महंगे दामों पर पुस्तकें खरीदने की मजबूरी
* अभिभावकों में रोष