हरिद्वार में चलेगा सत्यापन अभियान, अपात्रों पर होगी कार्रवाई: डीएम का सख्त संदेश

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हरिद्वार, 1 मई: जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने आज एक महत्वपूर्ण संदेश जारी करते हुए जनपद हरिद्वार में बाहरी राज्यों के व्यक्तियों के अवैध निवास पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिली है कि बाहरी राज्यों के लोग हरिद्वार में किराए के मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों में अवैध रूप से रह रहे हैं और ठेली, फड़ आदि व्यवसायों में संलग्न हैं।
जिलाधिकारी ने आगे बताया कि ऐसे व्यक्तियों द्वारा अनाधिकृत रूप से राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, निर्वाचन प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना और सामान्य निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त कर लिए गए हैं। इसके चलते वे राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठा रहे हैं, जबकि वे इसके पात्र नहीं हैं। इससे राज्य के संसाधनों पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी राज्यों के व्यक्तियों का नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की सीमा पर अवैध रूप से निवास करना और उनकी संदिग्ध गतिविधियां शांति एवं कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए, अपात्रों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाए जाने और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन अभियान चलाना आवश्यक हो गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सत्यापन के बाद न केवल ऐसे अपात्र व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, बल्कि उन कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कदम उठाए जाएंगे जिन्होंने इन व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाने में सहायता की है।
सत्यापन अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तीन समितियों का गठन किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गठित समिति के अध्यक्ष उपजिलाधिकारी होंगे, जबकि पुलिस क्षेत्राधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) और विकास प्राधिकरण के सक्षम अधिकारी सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।
नगरीय क्षेत्र (नगर निगम) के लिए गठित समिति की अध्यक्षता नगर आयुक्त करेंगे, जिसमें उपजिलाधिकारी/सचिव, पुलिस क्षेत्राधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और विकास प्राधिकरण के सक्षम अधिकारी सदस्य होंगे। वहीं, नगरीय क्षेत्रों (नगर पालिका/नगर पंचायत) के लिए उपजिलाधिकारी अध्यक्ष होंगे और पुलिस क्षेत्राधिकारी, अधिशासी अधिकारी/सचिव, क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और विकास प्राधिकरण के सक्षम अधिकारी सदस्य के रूप में नामित किए गए हैं।
जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने सभी गठित समितियों के अध्यक्षों को विस्तृत सत्यापन अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में तत्काल उपसमितियों का गठन करने का भी आदेश दिया है। समितियों में नामित सभी अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में किरायेदारों, ठेलीवालों, फड़वालों, अस्थाई झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों, मुख्य मार्गों या अन्य मार्गों पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से व्यवसाय करने वालों, स्थाई या अस्थाई लघु या वृहद व्यवसाय करने वालों, खाद्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान योजना और विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत लाभान्वित व्यक्तियों और अन्य आवश्यक सूचनाओं का प्रतिदिन स्थलीय भौतिक सत्यापन करने और निर्धारित प्रारूप में सत्यापन रिपोर्ट प्रत्येक दिवस प्रभारी अधिकारी (न्याय)/न्याय सहायक, कलक्ट्रेट, हरिद्वार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी के इस सख्त संदेश और सत्यापन अभियान के निर्णय से जनपद में अवैध रूप से रह रहे लोगों में हड़कंप मच गया है, वहीं पात्र लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।