देहरादून में अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन संपन्न, प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे का मुद्दा छाया रहा

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देहरादून: देहरादून के एक निजी होटल में अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। इस सम्मेलन में उत्तर भारत के नौ राज्यों से सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैश्य समाज के राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना की। उन्होंने मुगल काल में वैश्य समाज द्वारा सनातन धर्म की रक्षा के लिए किए गए बलिदानों को भी याद किया।
अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने समाज सेवा में वैश्य समाज की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया और जाति जनगणना में सभी से अपने नाम के आगे ‘वैश्य’ लिखने का आग्रह किया।
सम्मेलन में उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के उत्तराखंड प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रेमचंद अग्रवाल को साजिश के तहत फंसाया गया और इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने समाज से इस मामले में एकजुट होकर आंदोलन करने का आह्वान किया।
सुधीर कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रेमचंद अग्रवाल उत्तराखंड में ही जन्मे और पले-बढ़े हैं, और उन्हें बाहरी व्यक्ति बताने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आज प्रेमचंद अग्रवाल को बाहरी कहा जा रहा है, तो कल उनके जैसे उत्तराखंड में जन्मे लोगों को भी बाहरी कहा जा सकता है।
कैबिनेट मंत्री कपिल अग्रवाल ने भी सुधीर कुमार गुप्ता के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि समाज को इस मामले में और अधिक एकता दिखानी चाहिए और प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की एकता ही उसकी शक्ति है।
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय महामंत्री राजीव मित्तल, उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष रामगोपाल गोयल, प्रदेश सचिव दीपक सिंघल, युवा वैश्य महासम्मेलन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष लच्छू गुप्ता, और महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रमा गोयल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।