कांवड़ यात्रा: सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम, हरिद्वार में तैनात रहेगा ‘नभ नेत्र’ ड्रोन

Listen to this article

*ड्रोन से हरिद्वार में भीड़भाड़ वाले स्थलों, सड़कों, घाटों और पुलों की निगरानी

*राज्य और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से ड्रोन विजुअल्स की लगातार मॉनिटरिंग

*उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री आनंद स्वरूप ने दिए निर्देश

*11 जुलाई से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा, यूएसडीएमए ने शुरू की तैयारियां

देहरादून: आगामी कांवड़ यात्रा और संभावित आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन हेतु हरिद्वार में तैयारियां जोरों पर हैं। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी श्री राजकुमार नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भारतीय रिमोट सेंसिंग (आईआरएस) प्रणाली अपनाने और विस्तृत आपदा प्रबंधन योजना बनाने के निर्देश संबंधित जनपदों के अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में विभिन्न विभागों के मध्य आपसी समन्वय पर जोर दिया गया, जिसके लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कांटेक्ट अधिकारी नामित किए जाएंगे। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को मास्टर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से यात्रा की निगरानी की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए, 30 जून को कांवड़ यात्रा और गंगा घाटों की सुरक्षा पर केंद्रित एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। कांवड़ियों के मोबाइल में ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड कराया जाएगा, जो मानसून अलर्ट में सहायक होगा। इसके लिए एंट्री पॉइंट पर होर्डिंग और बार कोड लगाए जाएंगे। टोल फ्री नंबर 112, 1070, 1077 की जानकारी भी कांवड़ियों को दी जाएगी।
गंगा घाटों पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस और 60 आपदा मित्र तैनात रहेंगे। कांगड़ा घाट में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर देहरादून से अतिरिक्त टीमें रवाना होंगी। संभावित आकस्मिकताओं जैसे भगदड़, नदी में डूबना, अग्निकांड, बाढ़, संक्रामक बीमारियां, जाम और दुर्घटनाओं से निपटने के लिए तुरंत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
वन्य जीवों से सुरक्षा के लिए वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित करने और अधिक ऊंचाई वाली कांवड़ को बिजली के तारों से खतरे से बचाने के लिए विद्युत विभाग को विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में ड्यूटी ऑफिसर संयुक्त सचिव श्री विक्रम सिंह राणा और संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी भी मौजूद रहे।