उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) की नई रणनीति और पृथक राज्य की अवधारणा पर प्रमुख विचार

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हरिद्वार:  उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने “चलो गांव की ओर गांव बुला रहे” नीति के तहत अपनी संगठनात्मक रणनीति में बदलाव किया है। इस रणनीति के अंतर्गत, उत्तराखंड के सभी जनपदों में ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्रों को शामिल करते हुए महानगरों और अलग-अलग इकाइयों का गठन किया जा रहा है। इसका मुख्य कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की भिन्न-भिन्न समस्याओं को संबोधित करना है, क्योंकि ग्रामीण अपनी समस्याओं के कारण उचित लाभ से वंचित हैं।

​संगठनात्मक बदलाव के तहत, रुड़की को एक अलग संगठनात्मक जिले की इकाई के रूप में गठित किया गया है, जिसमें रुड़की और भगवानपुर तहसील शामिल हैं। जिलाध्यक्ष सैनी के अनुसार, ग्रामीण युवाओं का रुझान UKD की ओर बढ़ रहा है, जो राष्ट्रीय दलों से उनके मोहभंग को दर्शाता है।

​पृथक उत्तराखंड राज्य अवधारणा: UKD के प्रमुख लक्ष्य

​UKD पृथक उत्तराखंड राज्य के विकास और संबंधित मुद्दों पर निम्नलिखित प्रमुख लक्ष्यों पर विचार कर रहा है:

  • संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण: जल, जंगल, जमीन सहित नदियों पर उत्तराखंड का अधिपत्य स्थापित करना और उत्तर प्रदेश के अधीन उत्तराखंड में स्थित परिसंपत्तियों को वापस लेना
  • शिक्षा और स्वास्थ्य: 21वीं सदी की शिक्षा और चिकित्सा हर उत्तराखंडी परिवार को निशुल्क मुहैया कराना।
  • बुनियादी ढाँचा: हर गाँव को कम से कम डीप रोड से जोड़ना ताकि आवागमन सुरक्षित हो।
  • कृषि एवं स्थानीय उत्पादन: स्थानीय उत्पादन के साथ-साथ कृषि उत्पादन को विकसित करना। इसमें निशुल्क खाद और बीज उपलब्ध कराना और फसल तैयार होने पर कम से कम 20% लाभांश के साथ उचित मार्केट उपलब्ध कराना शामिल है।
  • श्रम और रोज़गार: श्रमिकों को बीमा योजना के अंतर्गत लाना और उन्हें इतना पारिश्रमिक देना जिससे वे अपने परिवार का ठीक से भरण-पोषण कर सकें। उत्तराखंड में बाहरी ठेकेदारों के स्थान पर स्थानीय व्यक्तियों को प्राथमिकता देना।
  • व्यापार और अर्थव्यवस्था: स्थानीय व्यापारियों को संरक्षण प्रदान करना और विनिर्माण इकाईयों पर आधारित विकास सुनिश्चित करना, जिसके तहत उद्योग माना, जौनसार व लोहाघाट तक लगाए जाएँगे।
  • भू-कानून: पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट द्वारा बनाए गए भू-कानून (या 250 मीटर की खरीद) को यथावत रखना ताकि स्थानीय भूस्वामी दखल न करें और गैर-उत्तराखंडी न ले जाएँ।
  • शासन और प्रशासन: आम जनता तक खाद्यान्न बहुल्य आवश्यकता की पूर्ति के लिए स्थानीय स्तर पर प्रबंध करना और सरकार की हर पंचायत तक पहुँच सुनिश्चित करना।
  • राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान: UKD की सरकार आते ही समस्त चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को विशेष दर्जा दिया जाएगा, जिसमें टोल प्लाजा पर टोल फ्री, आश्रितों को अनिवार्य एवं निशुल्क शिक्षा-चिकित्सा और राज्य परिवहन में एक व्यक्ति के साथ निशुल्क यात्रा शामिल है।

​तत्काल मांग और हरिद्वार जिला कार्यकारिणी की घोषणा

​UKD की तत्काल मांग है कि सैनी सरकार द्वारा बंद की गई गोचर खरीद पर सब्सिडी को शीघ्र बहाल किया जाए।

​जिलाध्यक्ष बलसिंह सैनी ने हरिद्वार जिला कार्यकारिणी के निम्नलिखित पदाधिकारियों को मनोनीत करने की भी घोषणा की है:

  • जिला कार्यकारी अध्यक्ष: प्रदीप उपाध्याय
  • जिला उपाध्यक्ष: श्रीराम सेमवाल
  • जिला महामंत्री: सुरेन्द्र सिंह रावत