कार्य में लापरवाही: CDO ने लगाई फटकार, बीडीओ बहादराबाद का वेतन रोका
हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्रीमती आकांक्षा कोंडे ने नीति आयोग के आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के तहत जल निकाय पुनर्जीवन कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में पाया गया कि 50 में से 40 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन उनकी संबंधित सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई हैं। इस गंभीर लापरवाही पर CDO ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि अद्यतन सूचनाएं और प्रत्येक जल निकाय की तस्वीरें आज, 24 सितंबर की शाम तक अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएं, अन्यथा कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही के कारण खंड विकास अधिकारी, बहादराबाद का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया गया है। CDO ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम की सफलता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान: स्वास्थ्य शिविर में 450 लोगों का उपचार

हरिद्वार। जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर पखवाड़े आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने अवगत कराया कि आज आयोजित शिविर में 450 लोगों का पंजीकरण और उपचार किया गया। मंगलौर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष गोहियुददीन अंसारी ने शिविर को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। शिविर में जनरल सर्जरी, बालरोग, दंत चिकित्सा, प्रसूति एवं स्त्री रोग, ईएनटी, जनरल ओपीडी, एक्सरे और क्षयरोग सहित विभिन्न रोगों का उपचार किया गया। साथ ही, 15 दिव्यांग प्रमाण पत्र भी लाभार्थियों को उपलब्ध कराए गए।
CDO ने सुनीं खानपुर ब्लॉक की समस्याएं, पेयजल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

हरिद्वार। खानपुर विकासखंड कार्यालय के सभागार में ब्लॉक प्रमुख नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बीडीसी (ब्लॉक डेवलपमेंट कमेटी) की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे ने शिरकत की। जनप्रतिनिधियों ने CDO को ग्रामीण क्षेत्र की तमाम समस्याओं से अवगत कराया, जिसमें पेयजल की समस्या की सबसे अधिक शिकायतें थीं। CDO ने संबंधित अधिकारियों को सभी समस्याओं के निवारण के लिए निर्धारित समय दिया और कहा कि किसी भी गांव में ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल, चिकित्सा, सिंचाई, लोक निर्माण, पंचायती राज, पशुपालन, विद्युत और खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को परंपरागत खेती के अलावा आधुनिक तकनीकों (जैसे अवाकंडो, मशरूम, ड्रेगन फ्रूट) को अपनाने की सलाह भी दी। आंगनवाड़ी केंद्रों के समय पर न खुलने की शिकायत पर उन्होंने औचक निरीक्षण और किराये के भवनों में बिजली-पानी की व्यवस्था 15 दिन में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्रामोत्थान परियोजना: रूड़की में ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘चारा उत्पादन’ प्रशिक्षण सम्पन्न















