बड़ा खतरा! ऋषिकेश के समीप चीला नहर की जर्जर रेलिंग बनी ‘सेल्फी पॉइंट’, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

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ऋषिकेश/हरिद्वार: उत्तराखंड की पर्यटन नगरी ऋषिकेश के समीप स्थित चीला पावर हाउस की नहर पर बनी रेलिंग (Railing) इन दिनों एक बड़े खतरे का सबब बन गई है। यह जर्जर रेलिंग न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी जानलेवा ‘सेल्फी पॉइंट’ (Selfie Point) बन चुकी है, जहां लोग बेफिक्री से तस्वीरें लेते हैं, लेकिन इसकी खस्ता हालत कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है।

टूटी रेलिंग: दुर्घटना को खुला निमंत्रण

​लगता है कि नहर के किनारे लगी इस सुरक्षा रेलिंग की मरम्मत इसके निर्माण के बाद से हुई ही नहीं है। आलम यह है कि रेलिंग कई जगहों से टूट चुकी है और जगह-जगह से हिल (हिचकुले खाती) रही है। थोड़ी सी भी असावधानी या रेलिंग पर अधिक दबाव किसी को भी सीधे नहर के तेज बहाव में धकेल सकता है।

  • जर्जर स्थिति: रेलिंग के खंभे और सपोर्टिंग बार्स कई स्थानों पर जंग खाकर टूट चुके हैं।
  • असुरक्षित सेल्फी स्पॉट: बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग रोमांच के नाम पर इसी टूटी-फूटी रेलिंग का सहारा लेकर सेल्फी लेते हैं, जिससे दुर्घटना का जोखिम कई गुना बढ़ गया है।
  • प्रशासनिक उपेक्षा: स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर आंखें मूंदे हुए हैं।

जिम्मेदारी किसकी? उत्तराखंड या उत्तर प्रदेश?

इस महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दे पर सबसे बड़ा सवाल संबंधित विभागों की लापरवाही पर खड़ा होता है। चीला पावर हाउस का संचालन उत्तर प्रदेश विद्युत विभाग/ सिंचाई विभाग के तहत आता है, जबकि नहर के आसपास का क्षेत्र और सुरक्षा व्यवस्था अक्सर उत्तराखंड सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र से संबंधित होती है।

​स्थानीय लोगों के अनुसार, जिम्मेदारी को लेकर ये दोनों विभाग एक-दूसरे पर टालमटोल कर रहे हैं। न तो उत्तराखंड सिंचाई विभाग और न ही उत्तर प्रदेश विद्युत विभाग इस खतरनाक स्थिति पर कोई ध्यान दे रहा है। दोनों विभागों की इस उपेक्षा के कारण, एक बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

“यह रेलिंग कई जगह से इतनी कमजोर हो चुकी है कि किसी भी समय टूट सकती है। हमने कई बार संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर समय रहते इसकी मरम्मत नहीं हुई, तो किसी की जान जा सकती है।”