धर्म यात्रा महासंघ का 32वां स्थापना दिवस: हरिद्वार में गूँजा ‘तीर्थों का विकास ही भारत का विकास’

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हरिद्वार:  विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रमुख आयाम धर्म यात्रा महासंघ का 32वां स्थापना दिवस मकर संक्रांति के अवसर पर भूपतवाला स्थित चेतनज्योति अक्षय घाट पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान हवन-पूजन और संकीर्तन के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रतिवर्ष धार्मिक यात्रा करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:

  • विहिप का महत्वपूर्ण आयाम: विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने बताया कि महासंघ मेलों और यात्राओं के माध्यम से सेवा, संस्कार और समरसता का कार्य करता है। उन्होंने विशेष रूप से ‘श्री कृष्ण गुरुकुल शिक्षा यात्रा’ और ‘राम विवाह यात्रा’ (अयोध्या से जनकपुरी) का उल्लेख किया।
  • तीर्थाटन और विकास: मुख्य अतिथि सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने महासंघ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इनकी पहल पर कई राज्यों में अलग से ‘तीर्थाटन मंत्रालय’ बनाए गए हैं।
  • स्थापना और ध्येय: महासंघ के केंद्रीय मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ल ने बताया कि इसकी स्थापना 1995 में अशोक सिंघल द्वारा हरिद्वार में ही की गई थी। महासंघ का ध्येय वाक्य है— “तीर्थों का विकास ही भारत का विकास है।”
  • संतों का आशीर्वाद: स्वामी ऋषिश्वरानंद और महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी ने सनातन जागरण में महासंघ की भूमिका को ऐतिहासिक बताया।

प्रमुख उपस्थिति:

​समारोह में डॉ. चन्द्रधर काला, आशा गुप्ता, अजय कुमार, और डी.पी. सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन ‘सह भोज’ के साथ हुआ, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक बना।